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Hijab Controversy: कर्नाटक में नहीं थम रहा हिजाब पर विवाद, अब कुंदनपुर के कॉलेज में छात्रों ने किया विरोध

Thu, 03 Feb 2022 04:18 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

राज्य में हिजाब पहनने पर विवाद की शुरुआत जनवरी महीने में हुई थी। राज्य के उडुपी जिले के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में 7 छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया था। 
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हिजाब पर विवाद - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक में हिजाब पहनने पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। उडुपी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में छात्राओं के हिजाब पहनने को लेकर विवाद अभी थमा नहीं हैं। छात्रा ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है। इस विवाद के बीच यहां से 40 किमी दूरी पर स्थित कुंदनपुर में भी एक कॉलेज में ऐसा विवाद सामने आया है।

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हिजाब के विरोध में गमछा (शॉल)
कुंदनपुर के कॉलेज में बुधवार छात्राओं के हिजाब के विरोध में करीब 100 छात्र भगवा गमछा पहनकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के विधायक श्रीनिवास शेट्टी ने छात्रों और स्कूल प्रशासन के साथ बैठक की। हालांकि, इस बैठक का कोई भी नतीजा नहीं निकल पाया। छात्राओं के परिजनों ने कहा कि उनके बच्चों को हिजाब पहनने का अधिकार है। स्कूल प्रशासन ने यह बात साफ कर दी है कि छात्र-छात्राओं को स्कूल यूनिफॉर्म का पालन करना होगा। 

भद्रावती और कुंदनपुरा में भी ऐसा ही विवाद
राज्य के भद्रावती में भी सरकारी फर्स्ट ग्रेड कॉलेज में छात्रों ने हिजाब के खिलाफ में भगवा गमछा पहन कर विरोध जताया है। कॉलेज के प्रिंसिपल एमजी उमाशंकर ने मामले पर कहा कि कॉलेज ड्रेस के मामले में सभी छात्र समान हैं। इसमें किसी भी तरह का भेदभाव नहीं है। हम ने छात्रों और उनके परिजनों को इस मामले में जानकारी दे दी है, वह इस पर सहमत हुए हैं। इसके अलावा कुंदनपुरा के भंडारकर कॉलेज में भी हिजाब पहने छात्राओं को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई है।    

कब शुरू हुआ विवाद
राज्य में हिजाब पहनने पर विवाद की शुरुआत जनवरी महीने में हुई थी। राज्य के उडुपी जिले के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में 7 छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया था। हालांकि, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उन्होंने यह फैसला ड्रेस में समानता के मकसद से लिया है। हाईकोर्ट में दायर की गई याचिका में छात्राओं का कहना है कि हिजाब पहनने की इजाजत न देना अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है। 
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मंत्री बीसी नागेश ने भी दिया बयान
मामले पर कर्नाटक सरकार के मंत्री बीसी नागेश का भी बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि इस मामले के समाधान के लिए सरकार एक समिति का गठन करेगी। यह समिति आगामी सत्र तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और सरकार इसके अनुसार दृढ़ फैसला करेगी। मंत्री बीसी नागेश ने आगे कहा कि छात्राएं पहले हिजाब नहीं पहन रही थी। यह मामला हाल के 20 दिनों में आया है। 

शिक्षा केंद्र को युद्धस्थल नहीं बनने देंगे
मंत्री बीसी नागेश ने आगे कहा कि हम शिक्षण संस्थानों को दो समुदायों का युद्धस्थल नहीं बनने देना चाहते। यह एक पवित्र स्थल है और यहां हर छात्र को एक समान महसूस होना चाहिए। इस मामले पर हमारा स्पष्ट मत है कि संस्थानों के परिसर में ये विवाद नहीं होने चाहिए। 
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