केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि भारत में कोरोना से होने वाली मौतों में 92 प्रतिशत लोगों ऐसे थे जिनका टीकाकरण नहीं हुआ था। अब जब देश में वैक्सीनेशन काफी हद तक हो गया है और कोरोना के मामले भी कम हो चुके हैं तो स्कूल, कॉलेज, आर्थिक गतिविधियों को शुरू किया जा सकता है। हालांकि, इस दौरान सभी जरूरी सावधानियों को बरतना जरूरी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि देशभर में 74 फीसदी 15 से 18 वर्ष के किशोरों को कोरोना टीके की पहली डोज लग गई है। वहीं, 39 फीसदी को दोनों डोज लग गई है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रम के विस्तार के परिणाम स्वरूप देश में कोरोना के मामले काफी कम हो गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि कोरोना टीके की पहली डोज 98.9 फीसदी कारगर है। वहीं, दूसरी डोज 99.3 फीसदी। उन्होंने कहा कि टीकाकरण की पहुंच, स्वास्थ्य सेवा और फ्रंटलाइन कार्यकर्ताओं ने देशभर में कोरोना के मामलों में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नीति आयोग के सदस्य वीके पॉल ने कहा कि अब टीकककण तेजी से बढ़ रहा है और देश में कोरोना के मामले भी कम है। ऐसे में स्कूल, कॉलेज, रिसॉर्ट, आर्थिक गतिविधियों और समाज के आम कार्यों को शुरू करना चाहिए। हालांकि, इस दौरान सतर्क भी रहना चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में देश के 29 जिलों में कोरोना संक्रमण की दर 10 फीसदी से ऊपर है। वहीं, 34 जिले ऐसे हैं जहां संक्रमण की दर 5 से 10 फीसदी के बीच है। उन्होंने कहा कि सरकार और समाज के साथ मिलकर भारत ने अन्य देशों में देखे गए कोविड के संभावित विनाशकारी परिणाम को टाल दिया है।