कंवरपाल ने कहा कि वीर सावरकर को स्कूल पाठ्यक्रम में पढ़ाने को लेकर विवाद नहीं होना चाहिए। वीर सावरकर को पहले भी पढ़ाया जा रहा था। मेरा मानना यह है कि वीर सावरकर के बलिदान और देश के लिए उनके संघर्ष अभूतपूर्व थे। उनकी एक अपनी विचारधारा थी, एक नजरिया था और उन्होंने चीजों को अपने तरीके से किया।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोग सोचते हैं कि केवल गांधीजी का दर्शन ही प्रबल होना चाहिए, या उनकी ही विचारधारा बड़ी होनी चाहिए। यह उनकी सोच हो सकती है। मंत्री कंवरपाल ने कहा कि राष्ट्र के लिए संघर्ष करने वालों की अलग-अलग विचारधाराएं थीं, लेकिन सभी ने आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। यह एक व्यक्तित्व को दूसरे से कम नहीं बनाता है। वे सभी समान रूप से महान थे।
बता दें कि राज्य के शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने यह बात हरियाणा स्कूल शिक्षा पाठ्यक्रम के तहत नौवीं कक्षा में वीर सावरकर से जुड़ा पाठ शामिल करने को लेकर था। एक रिपोर्टर ने उनसे इस पर सवाल पूछा था। उसके जवाब में उन्होंने बताया कि सावरकर के बारे में पहले भी पढ़ाए जाते रहे हैं। इस बार भी पढ़ाया जा रहा है तो दिक्कत किया है। आजादी की लड़ाई में सबने अपना योगदान दिया है। उनकी आपस में तुलना करना सरासर गलत है।