बड़े निजी स्कूलों के बावजूद भारत के लाखों ऐसे पैरेंट्स हैं, जो अपने बच्चों को सरकार द्वारा संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV) में पढ़ाना चाहते हैं। इसका एक बड़ा कारण है कि जवाहर नवोदय विद्यालयों आवासीय हैं और यहां निःशुल्क शिक्षा प्राप्त की जा सकती है। साथ ही इन स्कूलों का रिजल्ट भी काफी अच्छा होता है। लेकिन कई पैरेंट्स अपना ये सपना पूरा नहीं कर पा रहे हैं। क्योंकि आज भी कई जिलों में जवाहर नवोदय विद्यालय हैं ही नहीं। अब केंद्र सरकार ने देश में 45 ऐसे जिलों को चिन्हित किया है जहां जवाहर नवोदय विद्यालय खोले जाने हैं।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने चल रहे लोकसभा सत्र में इस बात की जानकारी दी है। रमेश पखरियाल निशंक ने एक सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उनसे पूछा गया था कि क्या केंद्र सरकार देश के उन हिस्सों में जवाहर नवोदय विद्यालय खोलने की इच्छुक है जहां ये नहीं हैं। इसके जवाब में निशंक ने कहा कि सरकार ने ऐसे 45 जिले चिन्हित कर रखे हैं जहां जवाहर नवोदय विद्यालय खोले जाने हैं। ग्रामीण इलाकों के होनहार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए ये विद्यालय खोले जाएंगे। हर नवोदय विद्यालय में 75 फीसदी सीटें ग्रामीण इलाकों के होनहार बच्चों से भरे जाने का नियम भी जारी रखा जाएगा।
ये हैं वो 45 जिले जहां नवोदय विद्यालय खोले जाने हैं