संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), जो भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारियों का चयन करने के लिए सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है, उसका नेतृत्व एक अध्यक्ष करता है और इसमें अधिकतम 10 सदस्य हो सकते हैं। यूपीएससी सदस्य को छह साल की अवधि के लिए या 65 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक नियुक्त किया जाता है।
यूपीएससी द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जीपीएससी के प्रमुख के रूप में दासा के कार्यकाल के दौरान, आयोग ने 26,116 अधिकारियों की भर्ती के लिए 827 विज्ञापनों पर कार्रवाई की, जिसमें कुल 62 लाख उम्मीदवार पंजीकृत थे। दासा दिसंबर 2020 से जनवरी 2022 तक अखिल भारतीय लोक सेवा आयोगों (पीएससी) की स्थायी समिति के अध्यक्ष थे।
स्थायी समिति हर साल राष्ट्रीय सम्मेलन में यूपीएससी अध्यक्ष द्वारा गठित नौ सदस्यीय निकाय है और यह विभिन्न मुद्दों पर यूपीएससी के साथ समन्वय करने के लिए सभी 29 राज्य पीएससी का प्रतिनिधित्व करती है। बयान में कहा गया है कि दासा राज्यों में सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए मॉडल पाठ्यक्रम और परीक्षा पैटर्न तैयार करने वाली मसौदा समिति के अध्यक्ष भी थे।