स्नेहिल ढल ने मीडिया से बात-चीत के दौरान कहा था कि जब यूपीएससी के पाठ्यक्रम में यह गलती देखी गई, तो इसकी सूचना तुरंत बायजू को एक ईमेल के जरिए दे दी गई थी। हालांकि, इसके जवाब में, ढल को गृह मंत्रालय का एक पत्र मिला जिसमें कहा गया था कि सीबीआई यूएनटीओसी की एक नोडल एजेंसी है। लेकिन वह पत्र 2012 का था और ढल जवाब से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इसके बारे में और खोज करने पर यह भी पता चला कि सीबीआई ने 2016 में लिखित में कहा था कि वे यूएनटीओसी के लिए नोडल एजेंसी नहीं हैं। इसके बाद ढल ने देश में यूएनटीओसी को लागू नहीं करने के लिए, भारत संघ और 45 विभागों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक आपराधिक रिट याचिका दायर की।
बता दें कि अभी तक, इस मामले पर कोई अपडेट या बायजू की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, दर्ज कराई गई प्राथमिकी में मालिक का नाम था। मुंबई के आरे कॉलोनी थाने में आईपीसी की धारा 120बी और आईटी एक्ट की धारा 69(ए) के तहत आपराधिक साजिश रचने का मामला दर्ज किया गया है।