इस बार एनटीए ने संबंधित विश्वविद्यालयों को परीक्षा करवाने का दायित्व दिया था। अगले सत्र से एनटीए सभी केंद्रीय विवि की परीक्षा साथ में लेगा। इससे छात्रों के आवेदन शुल्क में बचत हो सकेगी।
शैक्षणिक सत्र 2022-23 से केंद्रीय संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीयूसीटी) देश के सभी विश्वविद्यालयों की एक साथ होगी। नई शिक्षा नीति के तहत सीयूसीयूटी की परीक्षा में इस सत्र से बदलाव हो चुका था। लेकिन कोविड महामारी के चलते एनटीए ने सभी विश्वविद्यालयों की परीक्षा के साथ नहीं ली है। जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रो. जेएन बालियां नई शिक्षा नीति की टीम में एक विशेषज्ञ हैं।
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उन्होंने बताया कि इस बार एनटीए ने संबंधित विश्वविद्यालयों को परीक्षा करवाने का दायित्व दिया था। अगले सत्र से एनटीए सभी केंद्रीय विवि की परीक्षा साथ में लेगा। इससे छात्रों के आवेदन शुल्क में बचत हो सकेगी। पहले की तरह अलग-अलग विश्वविद्यालयों के लिए छात्रों को आवेदन नहीं करना होगा। आवेदन करते समय सभी विश्वविद्यालयों में वरीयता देने का विकल्प रखा जाएगा।
इसमें दिल्ली विश्वविद्यालय, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय और अलीगढ़ समेत बाकी विश्वविद्यालयों के लिए आवेदन करने की छात्रों को खुली छूट मिलेगी। लिखित परीक्षा के नतीजे आते ही छात्र अपनी इच्छानुसार अपने आप को प्रवेश लेने के लिए पंजीकरण करवाएंगे। प्रो. जे एन बालिया ने बताया कि छात्रों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने छात्रों के पढ़ने के लिए उचित कदम उठाए हैं। इससे छात्रों का पैसा भी बचेगा और एनटीए का समय भी बच सकेगा।