Education Ministry: तंबाकू सेवन से बच्चों और किशोरों पर खतरनाक प्रभाव पड़ता है। जो कि वैश्विक युवा तंबाकू सर्वेक्षण (जीवाईटीएस), 2019 की रिपोर्ट है। इसमें सामने आया था कि भारत में 13 से 15 वर्ष की आयु के 8.5 प्रतिशत स्कूली छात्र विभिन्न रूपों में तंबाकू का सेवन करते हैं। विशेष रूप से चिंता की बात यह है कि भारत में 5,500 से अधिक बच्चे हर दिन तंबाकू का सेवन शुरू कर देते हैं। इस पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक संयुक्त परामर्श जारी किया। इसमें तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान मैनुअल के सख्त कार्यान्वयन का आह्वान किया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि तंबाकू का सेवन करने वालों में 20 वर्ष की आयु वाले युवा अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार तंबाकू का सेवन करने वालों में से 55 प्रतिशत लोग वो हैं, जिन्होंने 20 वर्ष की आयु से पहले ही तंबाकू खाना शुरू कर दिया था। शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस आंकड़ों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्थिति चिंतनीय है कि कम उम्र में बच्चे तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों को अपनी आदत को अपना लेते हैं, हालांकि बाद में कई किशोर अन्य नशीले पदार्थों की ओर भी रुख कर लेते हैं।"
राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, स्वास्थ्य मंत्रालय ने नाबालिगों और युवाओं को तंबाकू और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उपयोग से बचाने के लिए ToFEI दिशानिर्देश जारी किए। स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सामाजिक आर्थिक और शैक्षिक विकास सोसायटी के सहयोग से 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर ToFEI कार्यान्वयन मैनुअल विकसित और लॉन्च किया।
क्या है ToFEI?
तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान (ToFEI) मैनुअल इन तंबाकू विरोधी उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में कार्य करता है। इसने सलाह दी कि "युवाओं को तंबाकू की लत के खतरों से बचाने के लिए सभी हितधारकों के सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया जाए। इसका लक्ष्य तंबाकू के उपयोग के हानिकारक प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाकर और शैक्षणिक संस्थानों के भीतर तंबाकू नियंत्रण उपायों को बढ़ावा देकर भावी पीढ़ियों की रक्षा करना है।"