दिल्ली विश्वविद्यालय में एडमिशन के लिए अगले वर्ष से प्रवेश परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा। प्रवेश परीक्षा के लिए कार्यकारी परिषद की अनुमति मिल गई है। अधिकारियों ने आज ही यह सूचना जारी की कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 से दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में विभिन्न पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए प्रवेश परीक्षा का आयोजन कराया जाएगा।
इससे पहले दिल्ली विश्वविद्यालय की अकादमिक परिषद (एसी) ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के प्रस्ताव को पारित कर दिया था। हालांकि, प्रस्ताव को लागू करने से पहले विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के अनुमोदन की आवश्यकता थी, जो कि आज मिल गई है।
कैसे पारित हुआ प्रस्ताव?
बता दें कि 100 सदस्यों वाली शैक्षणिक परिषद ने प्रवेश प्रक्रिया में सुधार लाने पर विचार-विमर्श करने के लिए अक्टूबर में गठित नौ सदस्यीय डीयू समिति द्वारा प्रस्तुत सिफारिशों पर चर्चा के बाद इस प्रस्ताव कर मुहर लगाई है। परीक्षा के डीन डीएस रावत की अध्यक्षता वाली समिति का गठन कुलपति योगेश सिंह ने अक्तूबर में "स्नातक पाठ्यक्रमों में इष्टतम प्रवेश के लिए वैकल्पिक रणनीति" का सुझाव देने के लिए किया था।
16 सदस्यों ने असहमति जाहिर की थी
दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश परीक्षा के लागू करने के खिलाफ कम से कम 16 निर्वाचित परिषद सदस्यों ने प्रवेश परीक्षा शुरू करने के खिलाफ अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। अपने असहमति नोट में, उन्होंने रेखांकित किया था कि यदि अतिरिक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है तो छात्रों के ऊपर दबाव बढ़ जाएगा। इन सदस्यों ने यह भी नोट किया था कि अभी यह निश्चित नहीं है कि क्या सीईटी छात्रों को स्ट्रीम बदलने की अनुमति देगा, जैसे कि उन्हें वर्तमान प्रणाली के तहत करने की अनुमति है।
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