- कैसे किसी गीत को दिया जाता है राष्ट्रगान का दर्जा?
किसी भी गीत को राष्ट्रगान का दर्जा देने के लिए अधिनियम पारित किया जाता है। जब तक सरकार द्वारा वह अधिनियम पारित नहीं होता तब तक उसे पूरे देश में राष्ट्रगान के रूप में लागू नहीं किया जा सकता।
- कब दिया गया 'जन गण मन' को राष्ट्रगान का दर्जा?
संविधान सभा द्वारा ‘जन गण मन’ के हिन्दी संस्करण को राष्ट्रगान के रूप में 24 जनवरी, 1950 में अपनाया गया था।
- किस भाषा में लिखा गया था 'जन गण मन'?
रविन्द्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली भाषा में ‘जन गण मन’ राष्ट्रगान को लिखा गया था।
- 'जन गण मन' के गाने की अवधि?
राष्ट्रगान के गाने की 52 सेकेंड तय है।
कुछ रोचक जानकारी-
- भारत की राजधानी 1911 तक कोलकाता थी।
- बंगाल विभाजन के समय बंग-भंग आंदोलन का विरोध आम जनता एवं आंदोलनकारी करने लगे, उस वक्त अंग्रेजो ने कोलकाता के बदले दिल्ली को भारत की राजधानी बनाया था।
- गीत 'जन गण मन अधिनायक जय हे' का जन्म कोलकाता में हुआ था।
- कवि रविंद्रनाथ टैगोर ने इस कविता को बंगाली में लिखा था।
- 27 दिसंबर, 1911 में पहली बार इस गीत को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वार्षिक सम्मेलन जोकि कोलकाता में हुआ था के दूसरे दिन गाया गया था।
- इस गीत को आवाज टैगोर की भतीजी, सरला देवी चौधरानी ने दी थी। उन्होंने यह गीत स्कूल के एक प्रोग्राम में गया था।
- वर्तमान समय में राष्ट्रगान की धुन आंध्र प्रदेश के एक छोटे-से जिले मदनपिल्लै से ली गई है।
- मारग्रेट जो मशहूर कवि जेम्स कजिन की पत्नी थी वे बेसेंट थियोसोफिकल कॉलेज की प्रधानाचार्य भी थीं। इन्होंने ही राष्ट्रगान का अंग्रेजी में अनुवाद किया।
- नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने राष्ट्रगान का संस्कृतनिष्ठ बांग्ला से हिंदी में अनुवाद करवाया था।
- राष्ट्रगान का हिन्दी में अनुवाद कैप्टन आबिद अली ने किया था।
- राष्ट्रगान को संगीत कैप्टन राम सिंह ने दिया।
- अगर कोई व्यक्ति राष्ट्रगान के नियमों का पालन नहीं करता या उसका अपमान करता है तो Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 की धारा-3 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है।