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शिक्षा मंत्रालय का बढ़ा कुनबा : धर्मेंद्र प्रधान को मिली शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता की कमान, चार राज्यमंत्री भी

Thu, 08 Jul 2021 10:39 AM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का मुखिया बनाया है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय का कुनबा भी बढ़ गया है। अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में तीन राज्य मंत्री बनाए गए हैं। जबकि केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में एक राज्य मंत्री का पद सृजित किया गया है।
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केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल में विस्तार एवं फेरबदल करते हुए डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के इस्तीफे के बाद रिक्त पड़े केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की कमान अब धर्मेंद्र प्रधान को सौंपी गई है। प्रधान के पास इससे पहले पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और स्टील मंत्रालय का जिम्मा था। 

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प्रधानमंत्री ने अब धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय का मुखिया बनाया है। इसके साथ ही शिक्षा मंत्रालय का कुनबा भी बढ़ गया है। अब केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में तीन राज्य मंत्री बनाए गए हैं। जबकि केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में एक राज्य मंत्री का पद सृजित किया गया है। नए बदलाव के तहत डॉ सुभाष सिरकार, डॉ राजकुमार रंजन सिंह और अन्नपूर्णा देवी को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया है। वहीं, राजीव चंद्रशेखर को केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय में राज्य मंत्री का जिम्मा सौंपा गया है। 

गौरतलब है कि डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने बुधवार, सात जुलाई, 2021 को केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पद छोड़ते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। बताया गया है कि डॉ निशंक ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण स्वयं इस्तीफा दिया था। हाल ही में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद से वे लगातार बीमार चल रहे थे। पोस्ट कोविड डिजीज के कारण उन्हें 15 दिन से अधिक समय तक दिल्ली स्थित एम्स के आईसीयू में भर्ती रहना पड़ा था। 
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इस कारण कोरोना की दूसरी लहर के बीच, सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा के रद्द करने के निर्णय संबंधी बैठक में भी वे शामिल नहीं हो पाए थे। उनकी अनुपस्थिति में प्रधानमंत्री ने बैठक की अध्यक्षता की थी। इस बैठक में तत्कालीन पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी शामिल रहे थे। तब बैठक के फैसले की ब्रीफिंग प्रधान ने ही की थी।हालांकि, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर डॉ निशंक को क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए याद किया जाएगा। डॉ निशंक के कार्यकाल में कई अहम फैसले और नीतियां लागू की गईं हैं, जो भविष्य की शिक्षा प्रणाली को मजबूत करेंगी। 

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