सिसोदिया ने कहा कि केवल सर्वश्रेष्ठ और सबसे योग्य शिक्षकों के माध्यम से ही बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। सरकार ने सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षकों के चयन के लिए एक मानकीकृत प्रक्रिया बनाने का निर्णय लिया है। नई मानक भर्ती प्रक्रिया के तहत, शिक्षा निदेशालय (डीओई) रिक्त पदों को भरने के लिए स्कूलों के लिए हर साल डीएसएसएसबी को मांग पत्र भेजेगा।
इसके बाद, डीएसएसएसबी प्रत्येक रिक्त पद के लिए लिखित परीक्षा के माध्यम से तीन उम्मीदवारों का चयन करेगा। सहायता प्राप्त स्कूलों की कर्मचारी चयन समिति भर्ती के अंतिम चरण में इन तीन शॉर्ट लिस्ट किए गए उम्मीदवारों में से एक का चयन करेगी।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि नई भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से वित्तपोषित स्कूलों को सर्वश्रेष्ठ शिक्षक मिल सकेंगे और पुरानी भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार पर तत्काल अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा विभाग को भर्ती संबंधी शिकायतों के निस्तारण में अधिक समय नहीं देना होगा। दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के अनुसार, दिल्ली में 207 सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं, जिनमें 8,300 से अधिक शिक्षक हैं। शिक्षकों के वेतन का पचानवे प्रतिशत दिल्ली सरकार द्वारा दिया जाता है।