पहले साल छह हजार बच्चों को करेंगे प्रशिक्षित
सिसोदिया ने कहा कि पहले साल में दिल्ली के सरकारी स्कूलों से चुने गए कक्षा 11वीं और 12वीं के 6,000 बच्चों को मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। इसके लिए शिक्षा निदेशालय (डीओई) ने इंजीनियरिंग, चिकित्सा और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में अपना करियर बनाने के इच्छुक छात्रों को तैयार करने के लिए अवंती फेलो के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। सिसोदिया ने कहा, चुने गए विद्यार्थियों को विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए टेस्ट सीरीज, इन परीक्षाओं के लिए आवश्यक शैक्षणिक सहायता और तैयारी के दौरान नियमित सलाह के माध्यम से मुफ्त कोचिंग प्रदान की जाएगी।
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पायलट प्रोजेक्ट में देखने को मिले शानदार परिणाम
दिल्ली के शिक्षा मंत्री सिसोदिया ने कहा कि कई बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन उनके माता-पिता महंगी कोचिंग का खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा, इससे पहले, यह मुफ्त कोचिंग कार्यक्रम कुछ स्कूलों में पायलट आधार पर शुरू किया गया था, और इसके अच्छे परिणाम सामने आए थे। एससी और एसटी वर्ग की 160 से अधिक लड़कियों को इस कार्यक्रम के तहत विशेषज्ञों द्वारा नीट परीक्षा के लिए मुफ्त कोचिंग दी गई है। अब दिल्ली यह तस्वीर बदलने के लिए तैयार है।