विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए पहली कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस एग्जाम (सीयूईटी) 2022 का पहला दिन कामयाब रहा। देशभर में 245 परीक्षा केंद्रों में पहले और दूसरे स्लॉट में करीब 85 फीसदी छात्रों ने परीक्षा दी है। यूजीसी चेयरमैन प्रो. एम जगदीश कुमार ने कहा, देर से आने वाले छात्रों को दोबारा परीक्षा का मौका नहीं मिलेगा। सीयूईटी यूजी परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए 5 हजार सीसीटीवी और 1500 जैमर लगाए गए थे, ताकि दाखिला प्रवेश परीक्षा में कोई मोबाइल का उपयोग न कर सके।
कुमार ने कहा, छात्रों को सलाह दी गई थी कि वह परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से करीब दो घंटे पहले पहुंचें। कुछ जगह छात्रों को परेशानी हुई। कुछ मामलों में देखा गया कि छात्र 9:30 बजे के बाद परीक्षा केंद्र पहुंचे। हम 30 मिनट का ग्रेस टाइम देते हैं। यदि छात्र परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट बाद आता है तो उसे परीक्षा देने नहीं दे सकते। कुछ जगह छात्र गलत सेंटर पर पहुंच गए, फिर भी उन्हें परीक्षा में शामिल होने दिया गया। अगर किसी बच्चे की परीक्षा छूट गई है तो भी वह अपने बाकी बचे विषयों की परीक्षा दे सकता है।
हालांकि, उसका दाखिला संबंधित विश्वविद्यालय की नीति पर निर्भर करेगा। यदि कोई छात्र आगे के विषयों में परीक्षा केंद्र बदलना चाहता है तो वह एनटीए को ईमेल और हेल्पलाइन नंबर के जरिये यह मांग कर सकता है। उपलब्धता के आधार पर इसे मंजूर किया जाएगा।
एक दिन पहले परीक्षा केंद्र बदलने की सूचना दी : एनटीए
एनटीए का कहना है कि पहले दिन 10 परीक्षा केंद्र में बदलाव किया गया था। छात्रों द्वारा ऑनलाइन आवेदन पत्र में दिए गए ईमल और मोबाइल नंबर पर बृहस्पतिवार सुबह परीक्षा केंद्र बदलने की जानकारी भेजी गयी थी। छात्रों को दो से चार ईमेल भेजे गए हैं, ताकि वे चेक कर लें।
इसके अलावा परीक्षा केंद्र बदलने वाले स्थानों पर विशेष परिवहन की व्यवस्था भी की गई थी। दिल्ली के एनएसयूटी सेंटर में भी छात्रों को एनएसयूटी परीक्षा केंद्र से डीयू सेंटर तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई थी। यदि कोई छात्र परीक्षा केंद्र पहुंचने के तय समय के बाद आएगा तो उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं हो सकती। दिल्ली के बदले केंद्रों पर करीब 73 फीसदी छात्रों ने परीक्षा दी है।