केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने गुरुवार को सभी बोर्ड परीक्षा केंद्रों को कोविड-19 की मौजूदा स्थिति और लू को देखते हुए उचित व्यवस्था करने का निर्देश जारी किया है। कोरोना महामारी के दौर में शुरू हुई सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओ का दूसरा सत्र (Term-2) 26 अप्रैल, 2022 से शुरू किया जा चुका है। दसवीं और बारहवीं दोनों ही कक्षाओं के विभिन्न विषयों की परीक्षाएं देशभर के परीक्षा केंद्रों पर जारी है। हालांकि, इस दौरान एक बार फिर से देश में कोरोना के मामलों में तेजी देखने को मिल रही है। इसके साथ ही देश लू की हवाओं के चपेट में भी है।
कोविड गाइडलाइन का अच्छे से पालन किया जाए
सीबीएसई परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि बोर्ड ने बोर्ड ने कोविड के प्रसार से बचने के लिए उचित व्यवस्था करने के लिए परीक्षा के दिन के लिए प्रति दिन 5,000 रुपये और प्रति उम्मीदवार 5 रुपये का भुगतान किया है। सभी केंद्रों से यह अनुरोध किया जाता है कि परीक्षा केंद्रों पर उचित व्यवस्था की जाए और कोविड गाइडलाइन का अच्छे से पालन किया जाए। उन्होने आगे बताया कि सीबीएसई ने पीने योग्य पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रति उम्मीदवार प्रति दिन 2 रुपये का भुगतान करने का भी निर्णय लिया है। इसलिए परीक्षा केंद्र पर पीने के पानी की उचित व्यवस्था की जाए।
एक कक्षा में कुल 18 छात्रों की संख्या निर्धारित
सीबीएसई ने जारी बोर्ड परीक्षा में एक कक्षा में कुल 18 छात्रों की संख्या निर्धारित की है। वहीं, परीक्षा केंद्रों को कोरोना संक्रमित छात्रों के लिए अलग कक्षा की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने बताया कि सीबीएसई ने भारत और 26 देशों में परीक्षाओं के आयोजन के लिए व्यापक व्यवस्था की है। परीक्षाएं अप्रैल, मई और जून महीने में हो रही है। बोर्ड ने परीक्षा को सुचारू रूप स आयोजित कराने के लिए सभी जरूरी वयवस्थाएं की हैं। कक्षा दसवीं की परीक्षा के लिए कुल 7,406 केंद्रों की व्यवस्था की गई है। वहीं, कक्षा 12वीं के लिए 6,720 परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
गुरुवार को कोरोना के 3,303 नए मामले
इस समय देश का बड़ा हिस्सा भयानक लू की और गर्मी की चपेट में है। आने वाले समय में इसके और खतरनाक होने की आशंका जताई जा रही है। भारत ने गुरुवार को 3,303 नए कोरोना के मामले सामने आए हैं। वहीं, 39 संक्रमितों की मौत भी हुई है। 46 दिनों बाद देश में कोरोना के एक दिन के मामले तीन हजार से अधिक आए हैं।