कोरोना महामारी की दूसरी लहर का असर 12वीं के छात्रों पर भी पड़ा। कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए सीबीएसई और आईएससी 12वीं बोर्ड की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए बोर्ड परीक्षाओं को लेकर मंगलवार को हुई बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा को रद्द कर दिया। पीएम मोदी ने मंत्रियों के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया।
ISC 12th Board Exam 2021 cancelled: सीबीएसई के बाद आईएससी बोर्ड ने भी रद्द की 12वीं की परीक्षा
ISC 12th Board Exam 2021 cancelled: सीबीएसई के बाद आईएससी बोर्ड ने भी 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी है। इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट (ISC) बोर्ड परीक्षा (कक्षा 12) रद्द करने का निर्णय प्रधानमंत्री के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठक के बाद किया गया है। भारतीय स्कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) के अध्यक्ष डॉ जी इम्मानुएल ने बताया कि परिणामों को तैयार करने के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
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Board Exam 2021: यूपी, उत्तराखंड, राजस्थान समेत इन राज्यों में भी रद्द हो सकती हैं 12वीं की परीक्षाएं
अब इसके बाद उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत कई राज्यों में 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर पुनर्विचार किया जाएगा। संभव है इन राज्यों के साथ ही कई अन्य राज्यों में भी प्रस्तावित बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया जाए।
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सीबीएसई के बाद अब उत्तराखंड बोर्ड की 12वीं की परीक्षाएं भी होगी रद्द, शिक्षा मंत्री ने दिए संकेत
सीबीएसई की 12 वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। उत्तराखंड में भी 12 वीं की परीक्षा के लिए तैयारी पूरी कर ली गई थी। देहरादून रीजन में 333 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक रणवीर सिंह के मुताबिक 1100 स्कूलों के 87000 बच्चे बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत थे, लेकिन हालातों को देखते हुए परीक्षा रद्द करने का फैसला ठीक है।
12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द: यह निर्णय अकादमिक से अधिक राजनीतिक, विशेषज्ञों की आई मिली-जुली प्रतिक्रिया
सीबीएसई 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने के निर्णय लेने के बाद से ही प्रतिक्रियाओं का दौर थम नहीं रहा है। कुछ शिक्षकों द्वारा फैसले का स्वागत किया गया है। वहीं कुछ ने इसका विरोध भी किया है। भोपाल के एक निजी विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेश शर्मा ने अमर उजाला से खास बातचीत की है। इसमें उन्होंने कहा है कि मेरी राय में बारहवीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने का निर्णय अकादमिक से अधिक राजनीतिक है।
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