परीक्षा से रोका भी जा सकता है
सीबीएसई ने यह भी चेतावनी जारी की है कि औचक निरीक्षण के दौरान अगर कोई स्कूल बिना उचित छुट्टी के दस्तावेज के अनुपस्थित पाया जाता है तो उसे नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में विफल रहने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। ऐसे छात्रों को बोर्ड परीक्षा में बैठने से रोका जा सकता है।
आधिकारिक विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि, "बोर्ड छात्रों की उपस्थिति के रिकॉर्ड की पुष्टि करने के लिए औचक निरीक्षण कर सकता है। ऐसे निरीक्षणों के दौरान, यदि यह पाया जाता है कि रिकॉर्ड अधूरे हैं या यदि यह स्पष्ट है कि छात्र नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रहे हैं, तो स्कूल को कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें स्कूल की मान्यता रद्द करना भी शामिल है।"