सीबीएसई द्वारा जारी टैबुलेशन पॉलिसी के अनुसार, छात्र के प्रदर्शन का सही और निष्पक्ष आकलन परीक्षाओं के माध्यम से ही किया जा सकता है क्योंकि यह परीक्षाएं सामान्य स्थिति में परीक्षा हाॅल में उचित पर्यवेक्षण के तहत पूरी अवधि के लिए आयोजित की गईं थीं। लेकिन कुछ मामलों में, यह संभव है कि छात्रों ने ग्यारहवीं कक्षा को गंभीरता से नहीं लिया होगा। इसलिए दसवीं कक्षा के अंकों को भी इसमें शामिल किया गया है।
चूंकि छात्रों को कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षाओं के समय यह नहीं पता था कि वे अंक कक्षा 12वीं के परिणामों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। इसलिए विद्यार्थियों के फायदे के लिए दसवीं के पांच मुख्य विषयों में से अच्छे अंक वाले तीन विषयों के औसत का ही उपयोग किया जा रहा है।