बुधवार को शिक्षा मंत्री के साथ बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कक्षा बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित और दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में यह भी तय किया गया है कि कक्षा 10वीं में पढ़ने वाले छात्रों का परिणाम इंटरनल असेसमेंट के आधार पर तैयार किया जाएगा। वहीं अगर कोई छात्र इंटरनल असेसमेंट के आधार पर दिए गए अंकों से संतुष्ट नहीं है तो वह दसवीं बोर्ड परीक्षा दे सकता है। लेकिन दसवीं बोर्ड परीक्षाएं कब आयोजित की जाएगी इसका निर्णय 1 जून को देश में कोरोना की स्थिति को देखकर किया जाएगा। ऐसे में सवाल यह उठता है कि विद्यार्थियों का अंतिम परिणाम कैसे तैयार किया जाएगा और इन परिणामों के आधार पर वह अपने पसंद की स्ट्रीम का चयन कैसे कर पाएगा। पढ़िए…
सीबीएसई मुख्य प्रशिक्षक और हेल्पलाइन काउंसलर राजेश शर्मा बताते हैं कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भी दसवीं बोर्ड परीक्षाओं को खत्म करने और इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट तैयार करने का सुझाव दिया गया है। संभावना है कि प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री और सीबीएसई ने एनईपी 2020 को लागू करने की तरफ पहला कदम उठाते हुए इस बार कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया हो।
2016 से पहले सीसीई पैटर्न के आधार पर दसवीं कक्षा की परीक्षाएं आयोजित की जाती थी। संभावना है कि इस सत्र में कक्षा दसवीं के परिणाम इसी पैटर्न के आधार पर तैयार किए जाएं। जिसमें पूरे सत्र के दौरान दी गई परीक्षाओं में प्राप्त अंक, असाइनमेंट, ऑनलाइन कक्षा में छात्रों की उपस्थिति आदि शामिल हो सकता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में स्ट्रीम (पीसीएम, पीसीबी, कॉमर्स आदि) के सिस्टम को खत्म करने की बात कही गई है। यही कारण है कि अब सीबीएसई ने स्ट्रीम चयन की प्रक्रिया को बेहद सरल कर दिया है। इस सत्र की बात करें तो विद्यार्थी इंटरनल असेसमेंट के आधार पर ग्यारहवीं कक्षा में स्ट्रीम का चयन कर सकते हैं। इसके अलावा विद्यार्थी ग्यारहवीं कक्षा में स्ट्रीम का चुनाव प्री-बोर्ड में प्राप्त अंकों के आधार पर कर सकते हैं। वहीं बोर्ड परीक्षा के बाद अगर विद्यार्थी अपनी स्ट्रीम बदलना चाहें तो वह भी संभव है।