Data Science: डाटा साइंस सांख्यिकीय और कंप्यूटेशनल टूल, एल्गोरिदम और मशीन लर्निंग सिद्धांतों का एक मिश्रण है। जिसका उद्देश्य उन आंकडों में छिपे प्रासंगिक संदेशों को उजागर करना है, जिनका बाद में बेहतर निर्णय लेने के लिए उपयोग किया जा सकता है। डाटा साइंस से जुड़े रोगजार आजकल ट्रेंड में हैं। आप भी डाटा साइंस के क्षेत्र में करिअर बना सकते हैं। यह एक विकसित होता सेक्टर है, जहां आने वाले समय में रोजगार की अपार संभावनाएं होंगी।
कई उच्च शिक्षण संस्थानों और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्मों ने डाटा साइंस और बिजनेस एनालिटिक्स में डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शुरू किए हैं। आईआईटी और एनआईटी ने डाटा विज्ञान में कार्यकारी कार्यक्रम शुरू किए हैं। सामाजिक विज्ञान और मैनेजमेंट स्कूलों ने भी अपने पोर्टफोलियों में डाटा साइंस को जोड़ना शुरू कर दिया है।
डाटा साइंस की पढ़ाई करने वाले ग्रेजुएट्स को आने वाले वर्षों में रोजगार के क्षेत्र में कंपटीशन के दौर में फायदा मिलेगा। क्योंकि डाटा साइंटिस्ट अपने ऑर्गेनाइजेशन को नेगेटिव रिस्क कम करने और वैल्यू एडिशन के कई पहलुओं में बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकते हैं। डाटा साइंस आज हर क्षेत्र के लिए अनिवार्य हो गया है। इसलिए इसमें महारथ होना करिअर के लिए बेहतर कदम माना जा सकता है।
आने वाले वर्षों में डाटा साइंस के क्षेत्र में कई नौकरियों की संभावनाएं और संख्या बढ़ सकती है। एक अनुमान के मुताबिक 2024 तक लगभग 27 लाख पद मार्केट में होंगे, जबकि भारत में एनालिटिक्स, डाटा साइंस और बिग डाटा उद्योग का आकार सात गुना बढ़ने और 2028 तक लगभग दो करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। ई-कॉमर्स, स्वास्थ्य देखभाल, वित्तीय सेवाओं, खेल, पत्रकारिता और सार्वजनिक नीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में डाटा साइंटिस्ट, डाटा विश्लेषक, डाटा आर्किटेक्ट, सांख्यिकीविद् या व्यवसाय विश्लेषक के रूप में रोजगार के कई अवसर हैं।