सफलता डॉट द्वारा वायरल मार्केटिंग टेक्नीक्स विषय पर आयोजित किए गए मास्टर क्लास सेशन में अतिथि वक्ता आलोक खंडेलवाल ने कहा कि इंदौर से मार्केटिंग में एमबीए करने के बाद पहली नौकरी लगी। जोकि सेल्स में थी। पहली नौकरी रास नहीं आयी तो छोड़ दी दोस्तों के साथ मिलकर एक स्टार्टअप शुरू किया। उसके बाद अब पिछले 7-8 साल से डिजिटल में काम कर रहा हूं। जिसमें राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर के क्लाइंट्स के साथ हम काम कर रहे हैं। आलोक ने कहा कि अगर आप खुद के पैसे से बिजनेस करते हैं तो आपको संघर्ष तो करना ही पड़ेगा। इसके अलावा भारत में आईटी, योगा, आयुर्वेद और ज्योतिष जैसी 4 चीजें हैं जिनमें देश को कोई चैलेंज नहीं कर सकता। मेरे पिता ज्योतिष में हैं। उसी से मुझे ज्योतिष पढ़ना चालू किया। तब हमें पता चला कि ये सभी विज्ञानों से ऊपर है। उसी दरम्यान मैंने एस्ट्रोलोक स्टार्ट किया। जिसमें जिन लोगों को एस्ट्रोलॉजी सीखना है उनको पढ़ाता हूं। साथ ही मैं ये भी मानता हूं कि फ्यूचर तो आजकल डिजिटल ही है। बैंक से लेकर ट्रैवल तक सब कुछ आजकल डिजिटल में ही है।
वायरल कंटेंट के लिए क्या करें
वायरल कंटेंट के लिए अगर आपको आपका टारगेट पता है कि किस ऑडियंस के लिए आप कंटेट बना रहे हो, तभी बेहतर कंटेंट बन सकता है। क्योंकि जो चीज आप करना जानते हैं और उसी पर कंटेंट बना रहे हैं तो ऐसा नहीं होगा कि उस पर आपको फायदा न हो। इसके अलावा आपका माइक, कैमरा, लाइट, वीडियो क्वालिटी भी बहुत प्रभावित करते हैं। वो आपको देखना होगा। साथ ही कंटेंट मार्केटिंग के पार्ट की बात करूं तो जो कंटेंट आपने बना लिया आप उसे पुश कैसे करोगे। ये भी महत्वपूर्ण है। सोशल मीडिया का एल्गोरिद्म ऐसा है कि अगर कंटेंट आपका अच्छा नहीं है तो कुछ नहीं हो सकता। अगर शुरूआत में आपके वीडियो पर लाइक, व्यूज, ड्यूरेशन अच्छा मिल रहा है। तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म उसे और लोगों के पास आगे बढ़ा देगा। हर इंडस्ट्री में अचानक से हिट होने के कुछ ही केसेज देखने में आते हैं। जैसे कोई गाना हिट हो गया। या कोई रातोरात सोशल मीडिया पर छा गया।
मनोरंजन है वायरल होने का सबसे आसान तरीका
अपने प्लेटफॉर्म का मोनेटाइजेशन कैसे करेंगे ये भी जानना आपके लिये जरूरी होगा। क्योंकि अगर आपका कंटेंट वायरल हो गया और 1 करोड़ व्यूज भी आ गए तो आप अगर अपने प्लेटफॉर्म को मॉनिटाइज नहीं कर पाए तो उन व्यूज का आपको फायदा कैसे मिलेगा। साथ ही वायरल होने के लिए सबसे आसान तरीका मनोरंजन का है।
लोग सोशल मीडिया पर सॉल्यूशन या इंटरटेंनमेंट ढूंढ़ते हैं
आमतौर पर जो सोशल मीडिया पर वीडियोज की खपत हो रही है। उसमें दो तरह के लोग हैं एक जो अपनी प्रॉब्लम का सॉल्यूशन ढूंढ़ने आते हैं और दूसरे वे लोग जो अपने मनोरंजन के लिए रील्स देखते हैं। अगर आपको किसी प्रॉब्लम पर कंटेंट तैयार करना है तो आजकल एक टॉपिक सबसे ज्यादा ट्रेंड में है वो है रिलेशनशिप। सभी को रिलेशनशिप में अभी सबसे ज्यादा समस्याएं आ रही हैं। रिलेशनशिप पर बना कंटेंट सबसे ज्यादा देखा भी जाता है।
डिजिटल मार्केटिंग का महत्व
आलोक ने कहा कि डिजिटल मार्केटिंग तेजी से बढ़ता हुआ सेगमेंट है। अगर लीड लाने के लिए आप पुराने मार्केटिंग तरीकों का इस्तेमाल करेंगे तो लाखों रुपये खर्च होंगे प्रचार सामग्री बनाने में। दूसरा काम होगा उस सामग्री- बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स को सही जगह लगवाना। काफी समय लेने वाला ये काम है। आजकल आप फेसबुक, गूगल एड के जरिये कुछ ही पैसों में अपने इंटरेस्ट के लोगों को ढूंढ़ सकते हैं।
मैंने 1 लाख रुपये लगातार मात्र 15 दिन में 22 हजार लीड हासिल की थी। एग्रो सेक्टर की ये लीड गांव देहात से आयी थी। लोग मानते हैं कि गांवों में लोग एक्टिव नहीं हैं सोशल मीडिया पर, लेकिन ऐसा नहीं है। आज ग्रामीण भारत में किसानों के पास न सिर्फ मोबाइल इंटरनेट कनेक्शन है बल्कि समय भी है। शहरों जैसी भागदौड़ वहां नहीं है।
छोटे स्टार्टअप डिजिटल मार्केटिंग का करें इस्तेमाल
बड़े बड़े ब्रांड्स के सामने छोटी कंपनियां कैसे कम्पीट करें इसके जबाव में आलोक ने कहा कि बड़े ब्रांड 10-10 लाख रुपये के फुल पेज एड न्यूजपेपर्स में देते हैं। जिसकी लाइफ उन 5-10 मिनट तक जब तक आप घर में आप अखबार पढ़ रहे हो।
उसके अनुपात में अगर आप डिजिटल पर 10 लाख रुपये लगाने की तैयारी करें तो आप फेसबुक पर कैंपेन 3 महीने तक लगातार कर पाओगे। और 3 महीने में आपका एड एक आदमी के सामने आपका एड 5-5 बार पहुंच जाएगा। आज के समय में लीड के लिए इससे सस्ता कोई प्लेटफॉर्म नहीं है।
बिजनेस में ग्रो करने के लिये क्या करें
आलोक ने कहा कि किसी भी बिजनेस को ग्रो करने के लिए उसे संस्थापकों का जुनूनी होना बहुत जरूरी है। क्योंकि जब कंपनियां एक इकोसिस्टम क्रिएट करती हैं तो उनसे कई परिवार जुड़ जाते हैं। इसलिए बिजनेस हाउसेस के पास ग्रो करने के अलावा दूसरा विकल्प भी नहीं होता। क्योंकि अगर कंपनी बंद होती है तो कई परिवारों के चूल्हे बुझ जाएंगे।
इसके अलावा आपने जिस चीज का इस्तेमाल करना बंद कर दिया वो चीज आपके जीवन से गायब हो जाएगी। इसलिये अपनी बुद्धि का इस्तेमाल करना कभी न बंद करें।
खुद के बेहतर वर्जन बनने का प्रयास करें युवा
मास्टर क्लास में सफलता के सीईओ हिमांशु गौतम ने युवाओं से कहा कि या तो आप जीवन के पहले 20 साल में मेहनत कर लो। आईआईटी क्रैक करके बीटेक बगैरह कर लो। या आप यूपीएससी क्रैक करके आईएएस बन जाइये। अगर किसी कारणवश वो 20 साल आपके पीछे छूट गए हैं तो आपको अपने अंदर अगले 20 साल में वो जुनून लाना ही पड़ेगा। क्योंकि अगर आप पहले 20 साल में टॉप नहीं कर पाए तो दूसरे 20 साल में आपको टॉप आना ही होगा। आपको खुद से कम्प्टीशन करना होगा। आपको तय करना होगा कि कल आप खुद के बेहतर वर्जन बनेंगे।