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होम साइंस में भी बन सकता है शानदार कैरियर

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आधुनिक जीवनशैली में होम साइंस का महत्व काफी बढ़ गया है। हाउसकीपिंग के अलावा हेल्थ, फूड, टीचिंग, फैशन, एनजीओ आदि विभिन्न क्षेत्र भी होम साइंस के दायरे में आते हैं। कई विषयों का सम्मिश्रण होने के कारण इसकी उपयोगिता वर्तमान परिवेश में और बढ़ गई है।
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पाठ्यक्रम कैसे-कैसे
होम साइंस की पढ़ाई 12वीं स्तर से ही शुरू हो जाती है, पर विस्तार से इसकी पढ़ाई ग्रेजुएशन से शुरू होती है। होम साइंस में ग्रेजुएशन करने के बाद इसके 2 वर्षीय एमएससी कोर्स में दाखिला लिया जा सकता है। इसके बाद रिसर्च संबंधी अध्ययन भी किया जा सकता है। होम साइंस के पाठ्यक्रमों के तहत पांच मुख्य क्षेत्र हैं - फूड एंड न्यूट्रीशन, रिसोर्स मैनेजमेंट, ह्यूमन डेवलपमेंट, फैब्रिक एंड अपेरल डिजाइनिंग और कम्युनिकेशन। ग्रेजुएशन कोर्स के पहले वर्ष में सभी विषयों की पढ़ाई होती है, जबकि बाद में विद्यार्थियों द्वारा किसी विषय में विशेषज्ञता हासिल की जा सकती है।

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विकल्पों की नहीं है कमी

क्या हो शैक्षणिक योग्यता
इस क्षेत्र में आर्ट्स और साइंस, दोनों की स्ट्रीम के अभ्यर्थी दाखिला ले सकते हैं। वैसे यदि आप साइंस स्ट्रीम से हैं, तो ऑनर्स कोर्स में आपको नामांकन में प्राथमिकता मिलेगी। होम साइंस के स्नातक विद्यार्थियों के लिए इस विषय से एमएससी अथवा डिप्लोमा कोर्स करने की राह बन जाती है। पीजी कोर्स के बाद विभिन्न संस्थानों में पीएचडी में दाखिला मिल सकता है।

व्यक्तिगत कौशल
घर, इंटीरियर डिजाइनिंग, रहन-सहन, फिटनेस, खान-पान और फैशन जैसे विषयों में रुचि और संबंधित जानकारी होम साइंस के क्षेत्र में सफलता दिलाने में सहायक होती है। इसलिए इससे संबंधित अपनी जानकारी दुरुस्त रखें। होम साइंस एक ऐसा विषय है, जिसका संबंध साइंस और आर्ट्स दोनों से ही है। ऐसे में इस विषय के माध्यम से कॅरियर बनाने के इच्छुक विद्यार्थियों का विश्लेषणात्मक सोच वाला होना आवश्यक है। इसके अलावा क्रिएटिव होना भी जरूरी है।

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अवसर अनेक

अवसर अनेक
होम साइंस से संबंधित शिक्षा प्राप्त करने के बाद कई तरह के अवसर मिलते हैं। फूड इंडस्ट्री में मांग बनी रहती है। फूड प्रोडक्ट, बेबी प्रोडक्ट आदि उत्पादों की मार्केटिंग में होम साइंस के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाती है। इसके अलावा न्यूट्रीशन कंसल्टेंट के रूप में भी कॅरियर की रूपरेखा निर्धारित की जा सकती है। हाउसकीपिंग के मद्देनजर हॉस्पिटैलिटी तथा कॉरपोरेट सेक्टर में जरूरत होती है, जबकि फैशन सेक्टर और टेक्सटाइल बिजनेस में भी होम साइंस स्नातकों के लिए राहें बनती हैं। आजकल प्राइमरी स्कूलों में टीचिंग के लिए होम साइंस के जानकारों को महत्व दिया जाता है। उच्च शिक्षा के बाद स्कूल और कॉलेज स्तर पर अध्यापन संभव है। शोधकर्ता के रूप में मौके मिलते हैं।

कुछ चर्चित संस्थान

इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
www.ihe-du.co.in
इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
www.ignou.ac.in
इलाहाबाद एग्रीकल्चरल इंस्टीट्यूट, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, इलाहाबाद
www.aaidu.org
पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, लुधियाना
www.pau.edu
लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
www.lkouniv.ac.in

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