विपक्षी नेताओं ने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी के नेतृत्व में विधेयक पेश करने का विरोध करते हुए कहा कि सदन की एक समय-सम्मानित परंपरा है कि जब तक सदन क्रम में नहीं है, तब तक किसी भी कानून पर चर्चा नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा, जो हो रहा है वह पूरी तरह से असंवैधानिक है, यह लोकतंत्र की हत्या है।
आने वाले वर्षों के लिए क्षेत्रीय आकांक्षाओं को भी पूरा करेगा : प्रधान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा प्रस्तुत विधेयक के उद्देश्यों और कारणों के बयान के अनुसार, वर्तमान में लद्दाख में कोई केंद्रीय विश्वविद्यालय नहीं है। इसलिए, सरकार ने उच्च शिक्षा की पहुंच और गुणवत्ता में वृद्धि सुनिश्चित करने एवं केंद्र शासित प्रदेश के लोगों के लिए उच्च शिक्षा और अनुसंधान के अवसरों को सुगम बनाने और बढ़ावा देने के लिए के लिए वहां एक नया केंद्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय किया है।
उन्होंने कहा कि यह आने वाले वर्षों के लिए क्षेत्रीय आकांक्षाओं को भी पूरा करेगा। प्रधान ने कहा कि सरकार उद्देश्यों के बयान के अनुसार, लद्दाख में "सिंधु सेंट्रल यूनिवर्सिटी" यानी "सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय" के नाम पर एक विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए स्वीकृति प्रदान करने के लिए केंद्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम - 2009 में संशोधन करना चाहता है।
उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेगा : ठाकुर
केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा था कि विश्वविद्यालय की स्थापना कुल 750 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ की जाएगी और यह लद्दाख के सभी क्षेत्रों को कवर करेगा, जिसमें लेह और कारगिल शामिल हैं।
ठाकुर ने कहा था कि विश्वविद्यालय शिक्षा क्षेत्र और लद्दाख के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के अवसर प्राप्त करने के लिए क्षेत्र में असंतुलन को कम करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा था कि यह बौद्धिक विकास और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करेगा।