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Bank PO 2020: बैंक PO की इतनी होती है सैलरी, आप भी पूरी कर सकते हैं शानदार करियर की तमन्ना

Sun, 31 May 2020 03:58 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर परीक्षा 2020 - फोटो : getty
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बैंक में अधिकारी पद पर नौकरी की चाहत ज्यादातर युवाओं की होती है, लेकिन सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन न मिलने से कई युवा अपनी यह तमन्ना पूरी नहीं कर पाते। इसमें भी खासतौर पर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को ऐसी समस्या से ज्यादा दो-चार होना पड़ता है। बैंक की नौकरी इसलिए युवाओं को लुभाती है, क्योंकि इसमें अच्छे वेतन के साथ सुरक्षित भविष्य और सामाजिक प्रतिष्ठा भी मिलती है। बैंक की ऐसी ही एक नौकरी है PO की। अगर आप भी बैंक पीओ बनना चाह रहे हैं, लेकिन इससे जुड़ी जानकारी के अभाव में सही फैसला नहीं ले पा रहे हैं, तो निश्चिंत हो जाइए। यहां हम आपको बैंक पीओ से जुड़ी हर वो जरूरी जानकारी दे रहे हैं, जिससे आप इसके बारे में सबकुछ समझ पाएंगे। साथ ही खुद को बैंक पीओ पद के लिए तैयार कर पाएंगे।

PO का मतलब क्या है?

सबसे पहले आपको यह बता देते हैं कि बैंक पीओ होता क्या है? दरअसल, PO का फुल फॉर्म है प्रोबेशनरी ऑफिसर या परिवीक्षाधीन अधिकारी। पीओ मूल रूप से बैंक में स्केल-1 का असिस्टेंट मैनेजर होता है। पीओ ग्रेड-1 स्केल का जूनियर मैनजर होता है, इसलिए उसे स्केल-1 ऑफिसर कहा जाता है।

बैंक PO के पास क्या जिम्मेदारियां होती हैं?

बैंक पीओ के पास कई बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं। बैंक की विभिन्न कामकाजी प्रक्रियाओं से परिचित कराने के लिए पीओ को प्रोबेशन पीरियड के दौरान कई कार्यों की ट्रेनिंग दी जाती है। इनमें फाइनैंस, अकाउंटिंग, बिलिंग और इन्वेंस्टमेंट (निवेश) आदि की ट्रेनिंग शामिल हैं। पीओ की जिम्मेदारी होती है कि वह ग्राहकों की समस्याओं का समाधान कराते हुए बैंक के बिजनस को बढ़ाए। पीओ जब बैंक के मानदंडों के अनुरूप हो जाता है, तो उसे प्लानिंग, बजटिंग, लोन प्रॉसेसिंग और इन्वेंस्टमेंट मैनेजमेंट जैसी बड़ी और प्रमुख जिम्मेदारियां सौंप दी जाती हैं।

बैंक पीओ (Bank PO) बनने के लिए क्या होनी चाहिए योग्यता?

पीओ और पीओ के काम के बारे में जानने के बाद अब हम आपको पीओ बनने की योग्यता के बारे में बताते हैं।

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उम्र:
बैंक पीओ परीक्षा के लिए आपकी उम्र 21-30 साल के बीच होनी चाहिए। आयु सीमा में एससी, एसटी, पूर्व सैनिक और जम्मू-कश्मीर कोटा रखने वाले उम्मीदवारों को 5 साल, जबकि ओबीसी उम्मीदवारों को 3 साल की छूट दी गई है।

शैक्षिणक योग्यता:
उम्मीदवार की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता किसी नामित विश्वविद्यालय से स्नातक होनी चाहिए। आपराधिक रिकॉर्ड नहीं: उम्मीदवार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं होना चाहिए। दोषी पाए जाने पर उम्मीदवारी रद्द होने की संभावना है।

बैंक पीओ (Bank PO) की परीक्षा

आइए अब जानते हैं कि कौन सी परीक्षा पास करके बैंक पीओ की नौकरी पा सकते हैं। हर साल सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक युवा अधिकारियों की भर्ती के लिए बैंक पीओ परीक्षा आयोजित करते हैं। इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले प्रमुख बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आईसीआईसीआई बैंक, कोऑपरेटिव बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, सिंडिकेट बैंक और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।

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PO के लिए दो मुख्य परीक्षा होती हैं। एक SBI PO परीक्षा और दूसरी IBPS PO परीक्षा। इन दोनों के पास बड़ी संख्या में वैकेंसी है। ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी बैंक ने उम्मीदवारों के चयन का अपना मानदंड तय किया हुआ है। आईबीपीएस विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU) में पीओ की भर्ती के लिए एक कॉमन लिखित परीक्षा आयोजित करता है। वहीं, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया पीओ की भर्ती के लिए एक अलग परीक्षा आयोजित करता है।

कैसे होता है चयनबैंक पीओ की भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होती है। पहले दो राउंड में लिखित परीक्षा होती है, जिनमें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा शामिल हैं। तीसरे राउंड में इंटरव्यू होता है। पहले दो राउंड के बाद चुने गए उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसके बाद तीनों राउंड में सफल हुए उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट जारी होती है।

बैंक पीओ (Bank PO) की परीक्षा पास करने के लिए क्या-क्या पढ़ना होगा?

अब आपके इस सवाल का जवाब दे देते हैं कि पीओ बनने के लिए किन विषयों की पढ़ाई करनी होगी, यानी सिलेबस क्या है? बैंक पीओ परीक्षा के सिलेबस को उम्मीदवार की योग्यता और सामान्य जागरूकता का मूल्यांकन करने के लिए डिजाइन किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा को तीन सेक्शन में बांटा गया है, जिनमें क्वान्टिटेटिव ऐप्टीट्यूड, रीजनिंग और वर्बल एबिलिटी शामिल हैं।

मुख्य परीक्षा में पांच सेक्शन होते हैं, जिनमें सामान्य जागरूकता (जनरल अवेयरनेस), कंप्यूटर नॉलेज, क्वान्टिटेटिव ऐप्टीट्यूड, रीजनिंग और वर्बल एबिलिटी हैं। हालांकि, यह पैटर्न बैंक के आधार पर अलग-अलग भी होता है।

बैंक पीओ (Bank PO) की सैलरी कितनी?

किसी नौकरी में कितनी सैलरी मिलेगी, यह सबसे महत्वपूर्ण होता है। बैंक पीओ को अच्छी सैलरी मिलती है। पीओ की बेसिक सैलरी 23,700 रुपये है। इसके अलावा डीए, एचआरए, सीसीए और विशेष भत्ता आदि मिलाकर कुल सैलरी करीब 40 हजार रुपये प्रति माह हो जाती है। सभी बैंकों के पीओ की सैलरी लगभग एक बराबर है। 

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