बैंक में अधिकारी पद पर नौकरी की चाहत ज्यादातर युवाओं की होती है, लेकिन सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन न मिलने से कई युवा अपनी यह तमन्ना पूरी नहीं कर पाते। इसमें भी खासतौर पर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को ऐसी समस्या से ज्यादा दो-चार होना पड़ता है। बैंक की नौकरी इसलिए युवाओं को लुभाती है, क्योंकि इसमें अच्छे वेतन के साथ सुरक्षित भविष्य और सामाजिक प्रतिष्ठा भी मिलती है। बैंक की ऐसी ही एक नौकरी है PO की। अगर आप भी बैंक पीओ बनना चाह रहे हैं, लेकिन इससे जुड़ी जानकारी के अभाव में सही फैसला नहीं ले पा रहे हैं, तो निश्चिंत हो जाइए। यहां हम आपको बैंक पीओ से जुड़ी हर वो जरूरी जानकारी दे रहे हैं, जिससे आप इसके बारे में सबकुछ समझ पाएंगे। साथ ही खुद को बैंक पीओ पद के लिए तैयार कर पाएंगे।
सबसे पहले आपको यह बता देते हैं कि बैंक पीओ होता क्या है? दरअसल, PO का फुल फॉर्म है प्रोबेशनरी ऑफिसर या परिवीक्षाधीन अधिकारी। पीओ मूल रूप से बैंक में स्केल-1 का असिस्टेंट मैनेजर होता है। पीओ ग्रेड-1 स्केल का जूनियर मैनजर होता है, इसलिए उसे स्केल-1 ऑफिसर कहा जाता है।
बैंक पीओ के पास कई बड़ी जिम्मेदारियां होती हैं। बैंक की विभिन्न कामकाजी प्रक्रियाओं से परिचित कराने के लिए पीओ को प्रोबेशन पीरियड के दौरान कई कार्यों की ट्रेनिंग दी जाती है। इनमें फाइनैंस, अकाउंटिंग, बिलिंग और इन्वेंस्टमेंट (निवेश) आदि की ट्रेनिंग शामिल हैं। पीओ की जिम्मेदारी होती है कि वह ग्राहकों की समस्याओं का समाधान कराते हुए बैंक के बिजनस को बढ़ाए। पीओ जब बैंक के मानदंडों के अनुरूप हो जाता है, तो उसे प्लानिंग, बजटिंग, लोन प्रॉसेसिंग और इन्वेंस्टमेंट मैनेजमेंट जैसी बड़ी और प्रमुख जिम्मेदारियां सौंप दी जाती हैं।
पीओ और पीओ के काम के बारे में जानने के बाद अब हम आपको पीओ बनने की योग्यता के बारे में बताते हैं।
आइए अब जानते हैं कि कौन सी परीक्षा पास करके बैंक पीओ की नौकरी पा सकते हैं। हर साल सभी सरकारी और प्राइवेट बैंक युवा अधिकारियों की भर्ती के लिए बैंक पीओ परीक्षा आयोजित करते हैं। इस प्रक्रिया में भाग लेने वाले प्रमुख बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, आईसीआईसीआई बैंक, कोऑपरेटिव बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, सिंडिकेट बैंक और एचडीएफसी बैंक शामिल हैं।
अब आपके इस सवाल का जवाब दे देते हैं कि पीओ बनने के लिए किन विषयों की पढ़ाई करनी होगी, यानी सिलेबस क्या है? बैंक पीओ परीक्षा के सिलेबस को उम्मीदवार की योग्यता और सामान्य जागरूकता का मूल्यांकन करने के लिए डिजाइन किया गया है। प्रारंभिक परीक्षा को तीन सेक्शन में बांटा गया है, जिनमें क्वान्टिटेटिव ऐप्टीट्यूड, रीजनिंग और वर्बल एबिलिटी शामिल हैं।
मुख्य परीक्षा में पांच सेक्शन होते हैं, जिनमें सामान्य जागरूकता (जनरल अवेयरनेस), कंप्यूटर नॉलेज, क्वान्टिटेटिव ऐप्टीट्यूड, रीजनिंग और वर्बल एबिलिटी हैं। हालांकि, यह पैटर्न बैंक के आधार पर अलग-अलग भी होता है।
किसी नौकरी में कितनी सैलरी मिलेगी, यह सबसे महत्वपूर्ण होता है। बैंक पीओ को अच्छी सैलरी मिलती है। पीओ की बेसिक सैलरी 23,700 रुपये है। इसके अलावा डीए, एचआरए, सीसीए और विशेष भत्ता आदि मिलाकर कुल सैलरी करीब 40 हजार रुपये प्रति माह हो जाती है। सभी बैंकों के पीओ की सैलरी लगभग एक बराबर है।
अगर आप बैंक पीओ की परीक्षा में सफलता चाहते हैं, तो अमर उजाला का 'सफलताडॉटकॉम' आपके लिए तीन महीने का ऑनलाइन कोर्स शुरू कर रहा है। इस ऑनलाइन कोर्स से अभ्यर्थी बैंक पीओ की परीक्षा की पक्की तैयारी कर सकते हैं। यह कोर्स एक जून से शुरू हो रहा है। इस कोर्स में विद्यार्थियों को 175 घंटे से ज्यादा की ऑनलाइन कक्षाएं दी जाएंगी। इस कोर्स के माध्यम से उम्मीदवारों को सुनहरा मौका मिल रहा है।
सिर्फ 4,999 रुपये में आज ही लें दाखिला
जो उम्मीदवार आज पंजीकरण करेंगे उन्हें एक विशेष छूट भी मिल रही है। कूपन कोड BANK500 का प्रयोग करके आपको 500 रुपये की अतिरिक्त छूट मिल जाएगी। 31 मई को यानि आज कोर्स के लिए आवेदन करने पर केवल 4,999 रुपये देंने होंगे। इसलिए आप आज ही सफलताडॉटकॉम के इस क्रैश कोर्स में दाखिला लें।