असम के शिक्षा मंत्री रनोज पेगू ने बुधवार को कहा कि असम सरकार मौजूदा कानून के तहत राज्य के सभी निजी मदरसों को नियंत्रित कर सकती है। राज्य के कई मदरसा शिक्षकों को आतंकी संगठनों से कथित संबंधों के लिए गिरफ्तार किए जाने के बाद यह प्रस्ताव चर्चा में है। पेगू ने कहा- हालांकि अभी तक इसे लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, लेकिन सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि क्या निजी मदरसों को असम गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थान (विनियमन और प्रबंधन) अधिनियम, 2006 के नियंत्रण में लाया जा सकता है?
यह पूछे जाने पर कि क्या निजी मदरसों को नियंत्रित किया जाएगा, उन्होंने कहा, हम अब तक इस पर ध्यान नहीं दे रहे थे। हमारे पास पहले से ही गैर-सरकारी शैक्षणिक संस्थानों की निगरानी के लिए एक अधिनियम है। लेकिन, सभी गैर-सरकारी स्कूल इस अधिनियम के तहत नहीं आते हैं। मंत्री ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे सभी गैर-सरकारी शिक्षण संस्थानों को उनके नियमन और निगरानी के लिए इस मौजूदा अधिनियम के तहत लाने के लिए कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा, "ये निजी मदरसे उस श्रेणी में आएंगे या नहीं, हम कानून विभाग के परामर्श से जांच करेंगे। अभी तक कुछ भी नहीं किया गया है, लेकिन हम इस पर विचार कर सकते हैं। पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि पूरे असम में लगभग 3,000 पंजीकृत और अपंजीकृत निजी मदरसे हैं जो चार मुख्य मुस्लिम संगठनों द्वारा चलाए जा रहे हैं।
पिछले साल 1 अप्रैल से, असम में सभी 610 सरकारी मदरसों को उच्च प्राथमिक, उच्च और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में परिवर्तित कर दिया गया था। इसमें शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की स्थिति, वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया था। भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (एक्यूआईएस) और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) के आतंकी संगठनों के साथ कथित संबंधों के लिए इस साल मार्च से पूरे असम में कुल 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कई मदरसों के शिक्षक हैं। महंत ने कहा था कि सरकार एक पोर्टल लॉन्च करेगी, जिसमें सभी मदरसों को अपने संबंधित विवरण जैसे स्थान, शिक्षकों के नाम और पते और वेतन आदि अपलोड करने होंगे।
शीर्ष पुलिस अधिकारी ने यह भी घोषणा की थी कि सभी चार मदरसा निगरानी संगठनों के प्रतिनिधियों की एक समिति, जो राज्य में मदरसों का पाठ्यक्रम जारी करती है, उन्हें निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
मदरसा शिक्षकों की आतंकी संगठनों से कथित संबंधों के लिए गिरफ्तारी के बाद, असम के कई जिलों में ऐसे चार शैक्षणिक केंद्रों को ध्वस्त कर दिया गया है। मोरीगांव, बारपेटा और बोंगाईगांव जिलों में, संबंधित जिला प्रशासन ने अगस्त में जिहादी तत्वों के साथ कथित संबंधों के लिए शिक्षकों की गिरफ्तारी के बाद संरचनाओं को गिरा दिया। मदरसा के दो शिक्षकों के साथ कथित जिहादी संबंधों के उभरने के बाद, ग्रामीणों द्वारा 6 सितंबर को गोलपारा के दरोगर अलग मदरसा और उसी परिसर में एक घर को ध्वस्त कर दिया गया था।