कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा हिजाब प्रतिबंध पर अपना फैसला सुनाए जाने के एक दिन बाद आज से उडुपी में स्कूल और कॉलेज फिर से खुल गए है। इस बीच 15 से 21 मार्च तक जुलूस, समारोह और विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध के साथ क्षेत्र में धारा 144 लागू रहेगी। डिप्टी कमीश्नर डॉ राजेंद्र केवी ने कहा परीक्षा को लेकर जानकारी देते हुए कहा कि स्कूलों और कॉलेजों की बाहरी परीक्षाएं निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही होंगी लेकिन सभी आंतरिक परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है।
धारा 144 लागू रहेगी
बता दें कि उच्च न्यायालय के फैसले से पहले अधिकारियों ने मंगलवार को ही दक्षिण कन्नड़ जिले में स्कूल-कॉलेजों को बंद करने का आदेश दिया था। इससे पहले मंगलवार को उडुपी जिले के उपायुक्त ने घोषणा की कि उडुपी जिले में कल सभी स्कूल और कॉलेज फिर से खोले जाएंगे लेकिन 21 मार्च तक जुलूसों, समारोहों और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध के साथ धारा 144 लागू रहेगी। पुलिस कमीश्नर कमल पंत ने सोमवार को बताया कि बेंगलुरू में 15 से 21 मार्च, 2022 तक सभी तरह की सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी सभाओं ,जुलूस और समारोह पर रोक लगाई गई है।
6 छात्राएं कक्षा में नहीं पहुंची
हिजाब पर प्रतिबंध के खिलाफ याचिका दायर करने वाली उडुपी की 6 छात्राओं ने आज भी कक्षा में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने कहा कि वे बिना हिजाब के कक्षाओं में प्रवेश नहीं करेंगी और कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी। वहीं, शिवमोगा के कमला नेहरु कॉलेज में भी 15 छात्राएं स्कूल से घर लौट गई। इस बीच चेन्नई के न्यू कालेज के छात्रों ने भी कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मंगलवार को भी प्रदर्शन किया था।
जानिए कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मंगलवार को शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पर प्रतिबंध को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं को खारिज कर दिया और कहा कि हिजाब पहनना इस्लाम की एक अनिवार्य प्रथा नहीं है। हाई कोर्ट ने कर्नाटक सरकार के उस आदेश को बरकरार रखते हुए जिसमें स्कूल और कॉलेज यूनिफॉर्म नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया था।