एक सर्वे में खुलासा किया गया है कि महाराष्ट्र के 62 फीसदी परिजन अपने बच्चों को 24 जनवरी, 2022 से स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं। हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में स्कूलों को दोबारा से शुरू करने का फैसला किया है। सर्वे करने वाली कंपनी का नाम लोकल सर्कल है और इसने यह सर्वे कुल 4,976 लोगों पर किया है। इनमें 67 फीसदी पुरुष और 33 फीसदी महिलाओं ने हिस्सा लिया था।
इससे पहले कोरोना महामारी के संकट को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने 8 जनवरी, 2022 से राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने की घोषणा की थी। राज्य के कई कॉलेज और स्कूलों में कोरोना विस्फोट की भी घटनाएं देखने को सामने आई थी। हालांकि, सरकार ने 20 जनवरी को राज्य में पहली से सभी स्कूलो को दोबारा से 24 जनवरी से शुरू करने की घोषणा कर दी थी।
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने मुंबई में स्कूलों को खोलने की अनुमति दे दी है। सरकार ने सभी स्थानीय निकायों को कोरोना महामारी की स्थिती को ध्यान में रखते हुए स्कूल शुरू करने की अनुमति दी है। हालांकि, छात्रों को स्कूल जाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकेगा। ऑनलाइन माध्यम के भी उपाय हैं। वहीं, पुणे और औरंगाबाद में स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया गया है। यहां भी ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहेंगी।
सर्वे में परिजनों ने रखें विचार
सर्वे में जब परिजनों से बच्चों को स्कूल भेजने के बारे में पूछा गया तो इनमें से 62 फीसदी परिजनों ने अपनी असहमति जताई। 11 फीसदी ने हां कहा, तो वहीं 16 फीसदी ने बताया कि वह अपने बच्चों को पहले से ही स्कूल भेज रहे हैं। 11 फीसदी लोगों ने इस मुद्दे पर अपनी कोई भी राय नहीं दी।
पुणे में नहीं खुलेंगे स्कूल
पुणे शहर में बीते दिन 16 हजार कोरोना के मामले मिले हैं। इस कारण से शहर के स्कूलों को एक हफ्ते तक बंद रखने का फैसला किया गया है। महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजीत पवार ने बताया कि शहर में अगले आठ दिनों तक केस कम होने के आसार नहीं हैं।