कानून अधिनियमित करने के लिए राष्ट्रपति की सहमति अनिवार्य
चार दिनों में नीट उम्मीदवार की तीसरी संदिग्ध आत्महत्या बताई जा रही है। जिसकी वजह से तमिलनाडु में मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का कड़ा विरोध हो रहा है। राज्य विधानसभा ने सोमवार को एक विधेयक पारित किया, जिसमें नीट परीक्षा को खत्म करने और छात्रों को कक्षा 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने का समर्थन किया गया था। हालांकि इस कानून को अधिनियमित करने के लिए राष्ट्रपति की सहमति की आवश्यकता होती है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
छात्रों की मौत के बाद आरोपों का सिलसिला शुरू
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को मौतों पर शोक व्यक्त किया और उम्मीदवारों से राज्य हेल्पलाइन: 104 पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मदद लेने का आग्रह किया। स्टालिन ने एक बयान में कहा, "जीवन अमूल्य है और आपका भविष्य देश का भविष्य है।" उन्होंने केंद्र सरकार को यह कहते हुए भी दोषी ठहराया: “नीट छात्रों के लिए अवसरों को बंद कर देता है। केंद्र सरकार पत्थर दिल की है।" विपक्षी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीस्वामी ने एक बयान में कहा, "छात्र अब इस सरकार पर भरोसा नहीं करते हैं।"