फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खौफनाक: तमिलनाडु में आत्महत्या का तीसरा मामला, नीट में फेल होने के डर से उठाया यह कदम

Thu, 16 Sep 2021 10:32 AM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NEET 2021: मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को मौतों पर शोक व्यक्त किया और उम्मीदवारों से राज्य हेल्पलाइन: 104 पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मदद लेने का आग्रह किया। स्टालिन ने एक बयान में कहा, "जीवन अमूल्य है और आपका भविष्य देश का भविष्य है।"
विज्ञापन
तमिलनाडु में आत्महत्या का यह तीसरा मामला - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तमिलनाडु के वेल्लोर जिले की एक 17 वर्षीय लड़की ने खुदकुशी कर ली है। माना जा रहा है कि दिहाड़ी मजदूर की बेटी ने मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए आयोजित नीट 2021 में पास नहीं होने के डर से यह कदम उठाया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक बुधवार को किशोरी अपने माता-पिता के काम पर जाने के बाद करीब नौ बजे गांव में अपने घर पर लटकी मिली। 

एक पुलिस अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा कि पिछले तीन दिनों से वह बहुत परेशान थी और उसने अपने परिवार से कहा था कि उसने परीक्षा ठीक से नहीं लिखी है।" लड़की के माता-पिता ने कहा कि उन्होंने उसे सांत्वना दी और उससे कहा कि अगर उसने परीक्षा पास नहीं की तो वह अन्य व्यवसायों को अपना सकती है, उन्होंने कहा कि उसने कक्षा 12वीं की अंतिम परीक्षा में 85% अंक हासिल किए थे। गौरतलब है कि लड़की चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थी और उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए वेल्लोर के सरकारी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है।

विज्ञापन

कानून अधिनियमित करने के लिए राष्ट्रपति की सहमति अनिवार्य
चार दिनों में नीट उम्मीदवार की तीसरी संदिग्ध आत्महत्या बताई जा रही है। जिसकी वजह से तमिलनाडु में मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) का कड़ा विरोध हो रहा है। राज्य विधानसभा ने सोमवार को एक विधेयक पारित किया, जिसमें नीट परीक्षा को खत्म करने और छात्रों को कक्षा 12वीं में प्राप्त अंकों के आधार पर पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने का समर्थन किया गया था। हालांकि इस कानून को अधिनियमित करने के लिए राष्ट्रपति की सहमति की आवश्यकता होती है, जो अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।

विज्ञापन

छात्रों की मौत के बाद आरोपों का सिलसिला शुरू
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने बुधवार को मौतों पर शोक व्यक्त किया और उम्मीदवारों से राज्य हेल्पलाइन: 104 पर मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मदद लेने का आग्रह किया। स्टालिन ने एक बयान में कहा, "जीवन अमूल्य है और आपका भविष्य देश का भविष्य है।" उन्होंने केंद्र सरकार को यह कहते हुए भी दोषी ठहराया: “नीट छात्रों के लिए अवसरों को बंद कर देता है। केंद्र सरकार पत्थर दिल की है।" विपक्षी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी पलानीस्वामी ने एक बयान में कहा, "छात्र अब इस सरकार पर भरोसा नहीं करते हैं।"
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें