नई दिल्ली के रणहौला इलाके में पति की बेरहम पिटाई से एक महिला की दोनों आंखों की रोशनी चली गई। मारपीट कर पति ने उसे घर में ही बंधक बना लिया। प्रताड़ना से परेशान होकर महिला किसी तरह घर से बाहर निकल गई, लेकिन ठीक से न दिखने से वह अपने मायके नहीं जा सकी। उसको तीन दिन नवादा मेट्रो स्टेशन के नजदीक फुटपाथ पर बिताने पड़े। वहां काम करने आई फुफेरी बहन की पड़ोसन की नजर पड़ी और उसने उसकी बहन को इसकी जानकारी दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची बहन उसे अपने घर ले गई। बाद में हालात सामान्य होने पर दोनों थाने पहुंची और पीड़िता ने अपने पति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
24 साल की पीड़िता अपने पति के साथ विकास नगर में रहती थी। उसने बताया कि उनकी शादी जून 2020 में हुई थी। उनकी 18 माह की एक बेटी है। शादी के बाद से ही उसका पति उसे मारता पीटता था। 16 नवंबर को घर में काम करने को लेकर पति ने उसकी लात घूंसों से बेरहमी से पिटाई की। इससे उसकी आंखों से दिखाई देना बंद हो गया। पति ने उसे कमरे में बंधक बना लिया और किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी। पति और सास ने उसकी बेटी को अपने कब्जे में ले लिया।
आंख से दिखाई न देने पर नहीं पहुंच सकी पीड़िता मायके
अगले दिन पीड़िता किसी बहाने से घर से बाहर निकल गई, लेकिन दिखाई नहीं देने की वजह से वह अपनी मां के घर तक नहीं पहुंच पाई। किसी तरह से वह नवादा मेट्रो स्टेशन के पास फुटपाथ पर रहने लगी। 20 नवंबर को ओम विहार में रहने वाली उसकी फुफेरी बहन की पड़ोसन की नजर उसपर पड़ी। उसने पीड़िता की बहन को इस बात की जानकारी दी। उसकी फुफेरी बहन तुरंत नवादा मेट्रो स्टेशन पहुंची और अपनी ममेरी बहन की हालात देखकर उसके होश उड़ गए। वह पीड़िता को लेकर अपने घर पहुंची और उससे पूछताछ की।
इलाज के लिए नहीं है पैसे
बहन उसका अस्पताल में इलाज करवाने के बाद उसने रणहौला थाने में शिकायत दी। पीड़िता की बहन ने बताया कि डॉक्टरों ने उसकी बहन की आंखों का ऑपरेशन करवाने के लिए कहा है, लेकिन उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि वह इलाज करवा सके। उधर, शिकायत दर्ज करने के बाद पुलिस ने महिला के पति के घर पर दबिश दी, लेकिन वह अपनी मां और बेटी के साथ फरार हो गया है। दो दिन बाद आरोपी की बहन ने थाने आकर उसकी बेटी को पीड़िता को सौंप दिया है।