कस्तूरबा नगर में रहने वाले एक शख्स ने बताया कि आरोपी सुबह करीब 11.45 बजे पीड़िता को उठाकर ले आए। शोर-शराबा हुआ तो मोहल्ले वालों की भीड़ वहां जुट गई। अंदर घर में महिला के साथ हैवानियत होती रही। वह मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन को भी जाकर महिला को बचाने का साहस नहीं जुटा सका।
गणतंत्र दिवस को लेकर राजधानी में अलर्ट जारी था। राजपथ पर परेड भी निकाली जा रही थी। इसी दौरान दबंग आरोपियों ने कड़कड़डूमा के मकान में घुसकर पीड़िता को जबरन अगवा कर लिया। महिला को कस्तूरबा नगर लाकर आरोपी महिलाओं व इनके घर के पुरुष व नाबालिग खुलेआम महिला की आबरू लूटते रहे। महिला मदद की गुहार लगाती रही। घटना स्थल पर तमाशबीनों की भीड़ भी जुट गई। चाहकर भी महिला का परिवार कुछ नहीं कर सका।
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आरोपी महिला को कोसते रहे, मारते रहे, लेकिन किसी ने उसको बचाने की हिम्मत नहीं दिखाई। महिला को पीटने पर भीड़ में ही मौजूद लोग और तेज चिल्लाकर हुटिंग करते दिखे। बुधवार को यह नजारा किसी दूर-दराज के गांव में नहीं बल्कि राजधानी में देखने को मिला। स्थानीय लोगों का कहना था कि आरोपी परिवार इलाके में बेहद दबंग हैं। इनके खिलाफ शराब और मादक पदार्थ बेचने के कई मामले दर्ज हैं।
कस्तूरबा नगर में रहने वाले एक शख्स ने बताया कि आरोपी सुबह करीब 11.45 बजे पीड़िता को उठाकर ले आए। शोर-शराबा हुआ तो मोहल्ले वालों की भीड़ वहां जुट गई। अंदर घर में महिला के साथ हैवानियत होती रही। वह मदद के लिए चिल्लाती रही, लेकिन को भी जाकर महिला को बचाने का साहस नहीं जुटा सका। यहां तक पीड़िता के परिवार के सामने सब कुछ हुआ।
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आरोपियों ने पीड़िता के कुछ बाल ऑटो में बिठाते समय काट दिए। बाद में हैवानियत करने के बाद दोबारा कैंची और उस्तरे से उसके बाल काट दिए गए। दोपहर करीब 1.30 बजे महिला के पति को घटना की जानकारी हुई तो उसने मामले की सूचना पुलिस को दी। बाद में पुलिस ने ही मौके पर पहुंचकर उसको बचाया।
एक अन्य शख्स ने बताया कि जिस नाबालिग लड़के ने आत्महत्या कर ली थी। उसके पिता चार भाई हैं। परिवार के सभी पुरुष और महिलाओं का शराब, गांजा और दूसरे नशीले पदार्थ बेचने का काम है। इनके खिलाफ कई-कई मुकदमे दर्ज हैं। मरने वाला लड़का अपने परिवार में बड़ा बेटा था। उसके परिवार में माता-पिता के अलावा एक छोटी बहन व भाई है।