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एनआईए के मामलों की सुनवाई में देरी क्यों हो रही, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब

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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने विशेष अदालतों में एनआईए के लंबित मामलों के संबंध में जवाब दाखिल करने के लिए हाईकोर्ट रजिस्ट्री को और समय प्रदान कर दिया। हालांकि अदालत ने यह भी स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि मामलों में सुनवाई में देरी क्यों हो रही है।
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न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने आरोपी मंजर इमाम द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। उक्त आरोपी पिछले आठ वर्षों से एनआईए मामले में हिरासत में है। इस मामले में आरोप लगाया गया है कि इंडियन मुजाहिदीन के कुछ सदस्य कथित रूप से भारत में ऐतिहासिक स्थानों को निशाना बनाकर आतंकवादी कृत्य करने की साजिश रच रहे थे।
अदालत ने दायर याचिका पर 15 सितंबर को इस मामले में रजिस्ट्री से जवाब मांगा था। दिल्ली हाईकोर्ट की रजिस्ट्री की ओर से पेश अधिवक्ता गौरव अग्रवाल ने पिछले आदेश के संदर्भ में हलफनामा दाखिल करने के लिए कुछ समय मांगा। अदालत ने समय प्रदान करते हुए सुनवाई 17 दिसंबर तय कर दी।
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इससे पहले अग्रवाल ने अदालत को बताया था कि पटियाला हाउस कोर्ट में एनआईए के मामलों के निपटारे के लिए कुल दो विशेष अदालतें हैं। एक सत्र न्यायाधीश और जिला और सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता में ये अदालतें हैं।
अदालत ने पहले गृह मंत्रालय के आंतरिक सुरक्षा प्रभाग के संयुक्त सचिव के माध्यम से केंद्र सरकार, राष्ट्रीय जांच एजेंसी और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा था। इमाम के खिलाफ यूएपीए और आईपीसी के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसे वर्ष 2013 में गिरफ्तार किया गया था।
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याची ने आरोप लगाया था कि उसके मामले की सुनवाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में विशेष एनआईए अदालतों को मुकदमे की सुनवाई तेजी से करने का निर्देश दिया जाए।
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