नई दिल्ली। राजधानी में इस सप्ताह लगातार तीन दिन तक बारिश के दौरान जलभराव के बाद शुक्रवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल व दिल्ली सरकार हरकत में आई है। सरकार जल्द पानी भरने वाली जगहों की पहचान करेगी। इससे निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर योजनाएं तैयार होंगी। इसका फैसला उपराज्यपाल व दिल्ली सरकार की उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया। इसमें अधिकारियों को अल्पकालिक व दीर्घकालिक योजना बनाकर काम करने का निर्देश दिया गया है।
जलभराव पर बुलाई गई बैठक में उपराज्यपाल के साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पीडब्लूडी मंत्री सतेंद्र जैन समेत दिल्ली सरकार व तीनों नगर निगम के आला अधिकारी शामिल थे। सिसोदिया ने बताया अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जलभराव की समस्या से निजात के लिए संबंधित जगहों को चिन्हित किया जाए और उस पर माइक्रो लेवल पर काम किया जाए।
वहीं, अधिकारी इस समस्या को जल्द खत्म करने के लिए अल्पकालिक व दीर्घकालिक योजना तैयार करेंगे। इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों की एक विशेष कमेटी का गठन होगा। ये कमेटी समग्रता के साथ जलभराव की समस्या को दूर करने की रणनीति तैयार करेगी।
बैठक में आईटीओ और एनएच-24 के पास होने वाले जलभराव की समस्या को रेखांकित करते हुए अधिकारियों को जल्द उसे दूर करने के निर्देश दिए। इस साल बारिश में आईटीओ के पास और एनएच 24 के स्लिप रोड पर तालाब बन गया था। इस समस्या का समाधान तभी होगा जब एनएचएआई, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी सहित अन्य सभी एजेंसी मिलकर काम करें।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में इस बार पिछले कई सालों से ज्यादा बारिश हुई है और कई जगह जलभराव का सामना करना पड़ा है। इस समस्या को खत्म करने के लिए ये बेहद जरूरी है कि इसकी जिम्मेदार प्राइमरी एजेंसी की जवाबदेही तय हो और बाकी एजेंसी उसके साथ समन्वय बनाए।