दोषी विनय का परिवार रविदास कैंप में जे-105, मुकेश का परिवार जे- 49 और पवन का परिवार ए- 64 में रहता है। लोगों ने बताया कि जब से दोषियों को फांसी देने की तारीख मुकर्रर हुई है, तब से इनके परिवारों का रवैया लोगों के प्रति आक्रामक हो गया है।
वर्तमान में कोई भी पड़ोसी इन लोगों से बात नहीं करता। लोगों ने कहा कि दोषी मुकेश और पवन के परिवारों का रवैया सबसे ज्यादा खराब है।
रविदास कैंप में रहने वाले लोगों का कहना है कि दोषियों के घर यहां होने की वजह से उनके बच्चों के स्कूलों और दफ्तरों में चर्चाएं होती हैं। दोषियों के कुकृत्य के कारण बाहरी लोग यहां के बच्चों को भी वैसी ही नजर से देखते हैं।
लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द दोषियों की सजा पर अमल हो जाए और रविदास कैंप में रह रहे लोगों को बदनामी के ठप्पे से छुटकारा मिले।
लोगों ने कहा कि जब दोषियों को फांसी होगी तब वे लोग तिहाड़ जेल भी पहुंचेंगे और दोषियों की मौत का जश्न मनाएंगे। वहीं, कुछ लोगों ने कहा कि वे टीवी चैनलों पर दोषियों की सजा- ए- मौत की खबर देखेंगे।
दोषी मुकेश का परिवार इस झुग्गी बस्ती में 1992 में आया था। जबकि पवन का परिवार 2010-11 में यहां एक झुग्गी खरीदकर शिफ्ट हुआ था। बताया गया है कि पवन के परिवार का व्यवहार पहले से ही पड़ोसियों के प्रति बेहद खराब था और यहां करीब एक साल रहने के बाद ही पवन ने अपने साथियों के साथ मिलकर निर्भया केस को अंजाम दिया था।