राजेंद्र नगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदाताओं ने कोई खास रुझान नहीं दिखाया। मतदान की रफ्तार बेहद धीमी रही। शाम 6 बजे तक महज 43.75 फीसदी मतदान हो सका, जो पिछले चुनाव से 14.75 फीसदी कम है। भाजपा, आप और कांग्रेस सहित कुल 14 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं, जिनका भविष्य ईवीएम में कैद हो गया है। मतगणना 26 जून को होगी। मतदान के दौरान कारोना गाइडलाइन का ख्याल रखा गया। संक्रमितों को आखिरी एक घंटे में पीपीई किट पहनकर मतदान की सुविधा दी गई। ऐसे में पूरे विधानसभा क्षेत्र में 24 ऐसे लोगों ने भी मतदान किया, जो कोविड संक्रमित थे। वहीं, आम मतदाताओं को मास्क और दस्ताने के साथ ही वोट देने की इजाजत दी गई।
विधायक राघव चड्ढा के राज्यसभा सांसद बनने के बाद खाली हुई इस सीट पर उपचुनाव के लिए सुबह सात बजे से मतदान की शुरुआत हुई। जेजे कॉलोनी व ग्रामीण क्षेत्र के बूथों पर तुलनात्मक रूप से ज्यादा वोटर दिखे, जबकि पॉश कालोनियों में मतदान प्रक्रिया सुबह से ही बेहद सुस्त रही। मतदान के शुरू के पहले दो घंटों में सिर्फ 5.2 फीसदी वोट पड़े। बाद में भी इसमें ज्यादा तेजी नहीं आई। सिर्फ 11 से 1:00 बजे के बीच ही मत प्रतिशत ने दहाई के आंकड़े को पार किया। बाकी पूरे दिन हर दो घंटे के अंतराल पर यह आंकड़ा 10 फीसदी से नीचे रहा। नतीजन दो साल पहले 58.50 फीसदी वोट की तुलना में 43.75 फीसदी वोटिंग ही हो सकी।
मास्क और दस्ताने पहन पहुंचे वोटर
मतदान के दौरान कोरोना गाइडलाइन का खास ध्यान रखा गया। लोग चेहरे पर मास्क और हाथों पर दस्ताने पहनकर वोट करने पहुंचे। कई केंद्रों पर तो थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही अंदर प्रवेश करने दिया जा रहा था। जो लोग मास्क नहीं लगाकर आए थे, उनके लिए मतदान केंद्रों पर ही व्यवस्था की गई थी। कोविड-19 पॉजीटिव मरीजों को मतदान का मौका देने के लिए विशेष सुविधाएं दी गईं। संक्रमित मतदाताओं के लिए आखिरी एक घंटे में मतदान की सुविधा दी गई। इनके लिए एहतियात के तौर पर एंबुलेंस और पीपीई किट की व्यवस्था की गई थी।
दूसरे राज्यों की तुलना में फिसड्डी रहे राजेंद्र नगर के मतदाता
जेंद्र नगर विधानसभा क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों में अलग-अलग सीटों पर हुए चुनाव की तुलना में काफी कम मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने मतदान प्रतिशत बढ़ाने के तमाम उपाय किए, लेकिन काम नहीं आए। त्रिपुरा के जुबराजनगर में सर्वाधिक 83.13 फीसदी वोटिंग हुई। दिल्ली के राजेंद्र नगर में 43.75 की तुलना में आंध्र प्रदेश कीअट्माकुर सीट पर 61.70 फीसदी, त्रिपुरा के अगरतला में 76.72, टाउन बोरडोवाली में 69.54, सुरमा में 80, झारखंड की मंदार सीट पर 61.25 फीसदी मतदान हुआ।
ई रिक्शा और व्हील चेयर से मिली राहत
ई रिक्शा से पिक एंड ड्रॉप की सुविधा होने से मतदान केंद्रों के बाहर भी उत्सव जैसा माहौल रहा। केंद्रों पर दिव्यांगों और बुजुुर्गों को व्हील चेयर भी मुहैया कराए गए ताकि मतदान में कोई दिक्कत न आए। ई रिक्शा चालकों ने बताया कि सुबह से दोपहर 12 बजे तक पांच-छह चक्कर लगा चुके हैं और इस सुविधा से वोटर काफी खुश हैं।
पूसा में ग्रीन, राजेंद्र नगर में पिंक बूथ
पूसा स्थित एक स्कूल में पहला ग्रीन (हरित) बूथ बनाया गया था। इस बूथ में प्लास्टिक या प्रदूषण फैलाने वाली किसी भी वस्तु का इस्तेमाल नहीं किया गया। इसी तरह महिलाओं के लिए न्यू राजेंद्र नगर में पिंक बूथ बनाया गया जबकि दिव्यांगों की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए एक विशेष बूथ भी बनाया गया।
दो सांसदों ने किया मतदान, दुर्गेश पाठक वंचित रहे
इलाके की जनता के साथ-साथ दो सांसदों ने भी मतदान किया। पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद गौतम गंभीर और पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने ओल्ड राजेंद्र नगर के एक मतदान केंद्र पर मतदान किया। कांग्रेस उम्मीदवार प्रेमलता ने दशघरा गांव में मतदान किया, जबकि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार दुर्गेश पाठक मतदान नहीं कर सके, क्योंकि वह इस क्षेत्र के मतदाता नहीं है। भाजपा उम्मीदवार राजेेश भाटिया परिवार समेत राजेंद्र नगर मार्केट स्थित मतदान केंद्र पर मतदान करने पहुंचे।