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पर्दाफाश: हाईटेक तरीके से चोरी करता था गैंग, दो साल में डेढ़ सौ वाहनों पर किया हाथ साफ

Fri, 19 Nov 2021 10:24 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस ने दो साल में डेढ़ सौ वाहनों की चोरी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गैंग के दो सदस्यों को पकड़ा है। साथ ही चोरी की पांच कार बरामद कीं हैं। 
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वाहन चोर गैंग का पर्दाफाश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य जिला की वाहन चोरी निरोधक शाखा ने दो साल में डेढ़ सौ वाहनों की चोरी करने वाले एक गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पुलिस ने एक पिस्टल, दो कारतूस, ईसीएम, हाई सिक्यूरिटी नंबर प्लेट, नकली चाबी और पांच कार बरामद की है। पुलिस ने इनके कब्जे से जीपीएस जैमर बरामद किया है। जिसकी मदद से बदमाश जीपीएस लगे वाहनों का सिग्नल काटते थे। 
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जिला पुलिस उपायुक्त स्वेता चौहान ने बताया कि गिरफ्तार बदमाशों की पहचान मेरठ यूपी निवासी कमरयाब, कल्याणपुरी निवासी उमरान और मंडोली निवासी अब्दुल वाहिद के रूप में हुई है। वाहन चोरी निरोधक शाखा के इंचार्ज संदीप गोदारा को जानकारी मिली कि वाहन चोरी करने वाले गैंग के सदस्य चोरी की कार को रामलीला मैदान के पास बेचने आ रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर कमरयाब और उमरान को गिरफ्तार कर लिया। 

जबकि  एक वाहन चोर माजिद खान पुलिस की कार को टक्कर मार कर फरार हो गया। इनके पास से बरामद स्विफ्ट कार गीता कालोनी इलाके से चुराई गई थी। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने जाफराबाद इलाके से अब्दुल वाजिद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके निशानदेही पर ब्रिजा कार बरामद कर ली। यह कार जामिया इलाके से चुराई गई थी। 
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जांच के बाद पुलिस ने बताया कि कमरयाब मेरठ में एक हत्या के मामले में दस साल जेल में रहने के बाद दो साल पहले जेल से बाहर आया था। जेल से बाहर निकलने के बाद वह गैंग बनाकर वाहन चोरी करने लगा। वाहिद पर भी एक हत्या का मामला दर्ज है। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी से ग्यारह मामले को सुलझाने का दावा किया। 
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गैंग हाईटेक तरीके से करता था चोरी 

जेल से निकलने के बाद कमरयाब अपने गांव के रहने वाले वसीम की मदद से कार चोरी करने लगा। वाहन चोरी करने के बाद वह उसे वसीम को सौंपते थे। वसीम पर 60 मामले दर्ज हैं। पुलिस ने बताया कि गैंग हाईटेक तरीके से वाहनों को चोरी करता था। वह अपने साथ जीपीएस जैमर लेकर चलते थे। जिसकी मदद से वह वाहनों के जीपीएस सिग्नल को काटते थे। 
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