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एयरपोर्ट पर ट्रक देरी से पहुंचने पर कोल्ड स्टोरेज में रखने पड़े टीके

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नई दिल्ली। स्पाइसजेट के विशेष विमान से कोरोना वैक्सीन की पहली खेप दिल्ली पहुंचते ही लेटलतीफी देखने को मिली। एयरपोर्ट से वैक्सीन ले जाने वाला ट्रक लेट पहुंचा। इस कारण वैक्सीन के बॉक्स को आईजीआई एयरपोर्ट पर कोल्ड स्टोरेज में रखना पड़ा। दिल्ली और करनाल ले जाने वाले दोनों ट्रक लेट पहुंचे। यहां पर स्टोरेज में वैक्सीन के बॉक्स करीब तीन घंटे रखे रहे। आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी राजीव रंजन ने ट्रक के एयरपोर्ट पर लेट पहुंचने की पुष्टि की है।
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आईजीआई एयरपोर्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुणेे से फ्लाइट वैक्सीन के बॉक्स को लेकर मंगलवार सुबह 10.20 बजे एयरपोर्ट पहुंच गई थी। वैक्सीन टीके के कुल 55 बॉक्स थे। एक बॉक्स में 12 हजार टीके थे। एयरपोर्ट पर काफी देर तक ट्रक नहीं पहुंचा तो सभी बॉक्स को कार्गों टर्मिनल पर बने कोल्ड स्टोरेज में रखा गया। यहां पर करीब 1.15 बजे करनाल के लिए 35 बॅाक्स लेकर ट्रक निकला। ट्रक गुरुग्राम होकर करनाल गया। गुरुग्राम तक आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस, पीसीआर व ट्रैफिक पुलिस ने ट्रक को पहुंचाया। दिल्ली पुलिस ने गुरुग्राम कंट्रोल रूम को वैक्सीन बॉक्स आते ही सूचना दे दी थी।
दिल्ली के वैक्सीन बॉक्स को लेने वाला ट्रक भी काफी लेट पहुंचा। यहां से ट्रक करीब 2.15 बजे ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी अस्पताल लेकर निकला। दिल्ली के लिए 20 वैक्सीन बॉक्स आए हैं। एक बॉक्स में करीब 12 हजार टीके हैं। आईजीआई एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े बंदोबस्त थे। सीनियर पुलिस मंगलवार सुबह ही एयरपोर्ट पहुंच गए थे।
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पीसीआर ने एस्कॉर्ट किया
आईजीआई एयरपोर्ट डीसीपी राजीव रंजन ने बताया कि कोरोना की वैक्सीन के बॉक्स ले जाने वाले ट्रक को पीसीआर वैन ने एस्कॉर्ट किया था। दोनों ट्रक के साथ चार-चार पीसीआर वैन थी। साथ में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी व कर्मी भी थे। स्थानीय थाना पुलिस ने भी ट्रक को अपने-अपने इलाके में एस्कॉर्ट किया था।
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रूट में सिग्नल फ्री किए गए
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वैक्सीन को एयरपोर्ट से राजीव गांधी अस्पताल ले जाने वाले ट्रक को सभी जगह सिग्नल फ्री रूट दिया गया। पीसीआर के साथ ट्रैफिक पुलिसकर्मी ट्रक के साथ चल रहे थे। पहले ही आगे रूट पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को मैसेज कर दिया जाता था। इसके बाद सिग्नल को लाइट फ्री कर दिया जाता था ताकि ट्रक को रास्ते में कहीं भी रुकना नहीं पड़ा। हालांकि ट्रक के लिए रूट नहीं लगाया गया था।
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