नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने आधुनिक तरीके से वाहन चुराने वाले गिरोह के चार बदमाशों को 4 मार्च को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान यूपी के मुरादाबाद निवासी कुलदीप वर्मा, उत्तराखंड के उद्यम सिंह नगर निवासी आसिफ, यूपी के बुलंदशहर निवासी जितेंद्र कुमार उर्फ बंटी और दिल्ली के मयूर विहार निवासी सतीश कुमार उर्फ आजाद के रूप में हुई। आरोपी स्कैनर टैब से कार की फ्रीक्वेंसी (इलेक्ट्रॉनिक डाटा) को दूसरी इलेक्ट्रॉनिक चाबी में ट्रांसफर कर लेते थे और वाहन को कुछ ही मिनटों में चुरा लेते थे। ये मांग पर दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी कारें चुराकर दूसरे राज्यों में बेचते थे। गिरफ्तारी के समय आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की। कुलदीप गिरोह का सरगना है। नोएडा पुलिस ने कुलदीप पर गुंडा एक्ट का पर्चा दर्ज कर रखा है। जितेंद्र पर नोएडा पुलिस ने 25 हजार का इनाम रखा हुआ था। 5 दिन के रिमांड के बाद बुधवार को आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
अपराध शाखा डीसीपी दीपक यादव के अनुसार, एसीपी उमेश बड़थ्वाल की टीम को दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय वाहन चोरों के बारे में सूचना मिली थी। कई दिन की जांच के बाद एसीपी उमेश बड़थ्वाल की देखरेख में इंस्पेक्टर सतेंद्र मोहन, एसआई संजीव कुमार, एसआई सुरेंद्र राणा व एसआई इमरान खान की टीम ने सफदरजंग की एसडीए मार्केट में 4 मार्च की सुबह घेराबंदी की, तभी आरोपी फॉरच्यूनर गाड़ी से वहां पहुंचे। रुकने का इशारा किया तो आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर गाड़ी को चढ़ाने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने दूसरी तरफ कूदकर अपनी जान बचाई।
आरोपियों की गाड़ी की टक्कर से पुलिसकर्मियों की कार क्षतिग्रस्त हो गई। आरोपियों ने पुलिसकर्मियों पर गोली चलाने के लिए कट्टा निकाल लिया था। फुर्ती दिखाते हुए पुलिस टीम ने चारों आरोपियों को पकड़ लिया। आरोपी जिस गाड़ी में थे, वह मालवीय नगर से चुराई थी।
इलेक्ट्रॉनिक चाबी में ट्रांसफर कर लेते थे डाटा
गिरोह के बदमाश स्कैनर टैब के जरिये कुछ ही मिनटों में लग्जरी कार चुरा लेते थे। ये पहले हॉर्न व अलार्म की तार काट देते थे। इसके बाद स्क्रू से पीछे का शीशा खोल लेते थे। फिर कार में घुस जाते थे। इसके बाद ईसीएम के पास प्लग निकाल देते थे। इस प्लग में स्कैनर टैब को जोड़ देते थे। स्कैनर टैब से ये कार के इलेक्ट्रॉनिक डाटा को दूसरी इलेट्रॉनिक चाबी में ट्रांसफर कर लेते थे। उस चाबी से कार को चुराकर ले जाते थे।
65 हजार में खरीदते थे स्कैनर टैब
आरोपियों के पास से जो स्कैनर टैब बरामद हुए हैं, वह ई-कॉमर्स साइट से खरीदे थे। एक टैब की कीमत 65 हजार रुपये है। आरोपियों के पास से चार कारतूस के साथ दो कट्टे, चोरी की दो कारें, दो स्कैनर टैब, केबल, रिमोट वाले दस चाबियां, ड्रिल मशीन व अन्य सामान बरामद हुआ है। सतीश के खिलाफ 30, कुलदीप के खिलाफ सात और जितेंद्र के खिलाफ चार आपराधिक मामले दर्ज हैं।