ग्रैप में चार तरह के अलर्ट होंगे। लेवल-1 (येलो अलर्ट), लेवल-2 (एम्बर अलर्ट), लेवल-3 (ऑरेंज अलर्ट) और लेवल-4 (रेड अलर्ट) होगा। इसमें लॉक-अनलॉक की पूरी प्रक्रिया का ब्योरा दिया गया है। शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी यह तय की गई है कि वह छात्रों को ग्रैप के अलर्ट से अवगत कराएंगे। जारी दिशा-निर्देश में सभी नौकरशाह व संबंधित अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के साथ नियमों का सख्ती से पालन कराने को कहा गया है। यह भी कहा है कि कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कारवाई की जाएगी।
येलो अलर्ट: यह तब लागू होगा जब लगातार दो दिनों तक कोरोना का संक्रमण दर 0.5 प्रतिशत से ज्यादा होगा। बीते एक हफ्ते में 1500 नए मामले आएंगे या एक हफ्ते में 500 ऑक्सीजन बेड पर मरीज भर्ती होंगे। इस दौरान अनलॉक की स्थिति होगी। यानी दिल्ली खुली रहेगी।
एम्बर अलर्ट- यह तब लागू होगा जब लगातार दो दिन तक एक प्रतिशत से ज्यादा लोग संक्रमित होंगे। एक सप्ताह के अंदर 3500 नए संक्रमण के मामले आएंगे या फिर एक हफ्ते में 700 ऑक्सीजन बेड पर मरीज भर्ती हो जाएंगे। उद्योग-धंधे खुले रहेंगे। बजार भी खुलेंगे। मॉल की दुकानें सम-विषम आधार पर खुलेंगी।
ऑरेंज अलर्ट- यह तब लागू होगा जब लगातार दो दिन तक दो प्रतिशत से ज्यादा संक्रमण दर हो जाएगा। एक सप्ताह के भीतर 9 हजार संक्रमण के मामले आ जाएं या फिर एक सप्ताह में एक हजार ऑक्सीजन बेड पर मरीज भर्ती हो जाएं। इस दौरान सिर्फ वें निर्माण कार्य चालू रहेंगे, जहां मजदूरों को रहने की सुविधा हो। उद्योग-धंधे पूरी तरह नहीं खुलेंगे। दुकानें-मॉल समेत अन्य गतिविधियां बंद हो जाएंगी।
रेड अलार्ट- यह तब लागू होगा जब लगातार दो दिन तक पांच प्रतिशत से ज्यादा संक्रमण दर रहे या फिर एक हफ्ते में 16000 से ज्यादा नए संक्रमण के मामले आ जाएं या फिर 3000 ऑक्सीजन बेड पर मरीज भर्ती हो जाएं। इस दौरान संपूर्ण लॉकडाउन की स्थिति होगी।