बदरपुर इलाके में शनिवार शाम सेप्टिक टैंक की सफाई करने उतरे मजदूर और उसे बचाने गए मकान मालिक की जहरीली गैस की चपेट में आकर मौत हो गई। टैंक से ठेकेदार को समय रहते बाहर निकाल लिया गया उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि मकान मालिक सतीश चावला (60) और मजदूर देवेंद्र (38) को बाहर निकालने के लिए दमकल कर्मियों को टैंक का लिंटर तोड़ना पड़ा। पुलिस ने गैर इरादतन का हत्या का मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दक्षिण-पूर्वी जिले के डीसीपी आरपी मीणा ने बताया, सतीश चावला सपरिवार मोलड़बंद में रहते थे। घर से थोड़ी दूर पर ही चार मंजिला मकान किराये पर दे रखा था। मकान के बेसमेंट में तीन सेप्टिक टैंक हैं। सतीश ने टैंकों की सफाई के लिए लिए ठेकेदार मनोज को बुलाया था। शनिवार सुबह मनोज, मजदूर देवेंद्र के साथ वहां पहुंचा। देवेंद्र ने टैंक की सफाई शुरू की जबकि मनोज टैंक से निकल रहे कूड़े को ट्रैक्टर से फेंकने का काम कर रहा था।
देवेंद्र जैसे ही तीसरे टैंक में उतरा जहरीली गैस की चपेट में आकर बेसुध हो गया। मनोज उसे बचाने के लिए टैंक में उतरा और वह भी गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। दोनों को निकालने के लिए मकान मालिक सतीश टैंक में उतर गया। लेकिन टैंक में वह भी बेसुध हो गिर गया।
यह देखकर किरायेदारों ने शोर मचाकर कॉलोनी वासियों को बुला लिया। रस्सी की मदद से मनोज को बाहर निकाल लिया गया। साथ ही पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे दमकल कर्मियों ने लिंटर तोड़कर सतीश और देवेंद्र को बाहर निकाल कर अस्पताल भेजा। जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।