तिलक नगर थाना पुलिस ने एक कारोबारी को जान से मारने की धमकी देकर दस लाख की उगाही का प्रयास कर रहे दो बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पवन और अरुण कुमार सिंह के रूप में हुई है। जांच में पता चला कि पवन का चचेरा भाई प्रतीक कारोबारी की कंपनी में काम कर चुका था। आरोपी ने उससे कारोबारी के बारे में जानकारी लेकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों से चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त उर्विजा गोयल ने बताया कि सीसीटीवी कैमरे का कारोबार करने वाले एक शख्स ने 19 मार्च को तिलक नगर थाने में धमकी भरे फोन कर दस लाख मांगे जाने की शिकायत की। उसने बताया कि 16 मार्च की रात अनजान नंबर से फोन आया। कॉलर ने खुद को गैंगस्टर बताते हुए तिहाड़ जेल से फोन करने की बात कही। उसने धमकी दी कि दस लाख रुपये नहीं दिए तो परिवार के सभी लोगों की हत्या कर दी जाएगी। इसके बाद 18 और 19 मार्च को भी धमकी भरे चार कॉल किए गए।
शिकायत पर थाना प्रभारी सुनील कुमार ने नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने शुक्रवार देर रात शाहपुर जाट से अरुण को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में बताया कि उसने मदनगीरी निवासी पवन की मदद से कारोबारी से उगाही का प्रयास किया। इस पर पुलिस ने पवन को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि पवन पर पहले से महरौली थाने में हत्या का प्रयास और शस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज है।
अरुण ने बताया कि उसका चचेरा भाई प्रतीक कारोबारी की कंपनी में काम कर चुका था। उससे कारोबारी की सारी जानकारी लेने के बाद पवन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। धमकी देने के लिए उन लोगों ने गोविंदपुरी बस स्टॉप के पास एक झपटमार से तीन सौ रुपये में मोबाइल फोन खरीदा था। पुलिस फिलहाल प्रतीक की तलाश कर रही है।