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नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो सगे भाई गिरफ्तार

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नई दिल्ली। उत्तर पश्चिम जिला की साइबर सेल ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले 12वीं पास दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अपने सहयोगियों के साथ आजादपुर स्थित फर्जी कॉल सेंटर के जरिए नौकरी का झांसा देते थे। इनके कब्जे से पुलिस ने दो लैपटॉप, सात मोबाइल और छह एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। गैंग में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
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जिला पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बुराड़ी निवासी विकास चौहान (20), और आकाश चौहान (22) के रूप में हुई है। 15 जून को एक शख्स ने आदर्श नगर थाने में ठगी की शिकायत की। जिसमें बताया कि उसके पास एक शख्स का फोन आया था। जिसने खुद को महेंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के एचआर विभाग का कर्मचारी बताया। उसने शिकायतकर्ता को कंपनी में सुपरवाइजर और स्टोर मैनेजर की नौकरी का झांसा दिया। हामी भरने पर आरोपियों ने कई मदों में उससे एक बैंक खाते में रुपये जमा करने के लिए कहा। इस दौरान आरोपी ने पीड़ित का फोन पर साक्षात्कार किया और उसे नियुक्ति पत्र भी सौंपा। खाते में पैसा जमा होने के बाद आरोपियों ने अपना फोन बंद कर दिया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस खाते में रुपये मंगाए गए हैं, वह राजीव चौहान का है। बैंक में दर्ज भलस्वा डेयरी के पते पर राजीव फिलहाल नहीं रहता था। पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी बुराड़ी इलाके में है। पुलिस टीम ने दोनों भाइयों को दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने आजादपुर स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारकर सारा सामान बरामद कर लिया।
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ठगी के लिए पुराने पते पर खोला था बैंक खाता
जांच में यह भी पता चला कि दोनों आरोपियों ने अपने पिता के नाम पर ही पुराने पते पर बैंक खाता खोला था। इसका उद्देश्य लोगों से ठगी करना था। खाता खोलने के बाद सहयोगियों की मदद से आजादपुर में नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों की मदद के लिए कंसलटेंसी के नाम से एक कॉल सेंटर खोला। जांच में पता चला कि आरोपियों को ऑनलाइन पोर्टल और जस्ट डायल से नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का डाटा मिला। उसके बाद नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों को कंपनी की तरफ से फोन कर ठगी को अंजाम देते थे।
उम्मीदवारों से रजिस्ट्रेशन के 650, दस्तावेज सत्यापन के लिए 1280 और ट्रेनिंग आदि के लिए तीन हजार रुपये जमा करवाते थे। इस दौरान फोन पर ही उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेते थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी 12वीं पास हैं और जल्द रुपये कमाने के लिए अन्य साथियों के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दे रहे थे।
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