नई दिल्ली। दशहरे पर रामलीला मंचन की दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की ओर से स्वीकृति के बावजूद इस बार राजधानी पर रामलीला का रंग चोखा चढ़ने की संभावना नहीं है। राजधानी में रामलीला मंचन कराने वाली बड़ी कमेटियों में से केवल एक लवकुश रामलीला कमेटी 10 दिन तक लाल किला के सामने लॉन में आयोजन कराएगी। दूसरी कमेटियों में से एक पांच दिन और दो एक-एक दिन रामलीला मंचन कराएंगी।
खास बात यह है कि कमेटियां पंडालों के बजाय सभागारों में मंचन कराने की तैयारी में जुटी हैं। लालकिला मैदान के दो लॉन, रामलीला मैदान, द्वारका, पीतमपुरा, शालीमार बाग, द्वारका, जनकपुरी आदि जगहों पर मंचन कराने वाली विख्यात कमेटियों ने इस बार पांव खींचने का निर्णय लिया है। राजधानी में रामलीला मंचन 7 अक्तूबर से शुरू होगा और दशहरे पर संपन्न हो जाएगा।
लवकुश रामलीला कमेटी लालकिला के सामने एक लॉन में मंचन की तैयारियों में जुटी है। यहां कोरोना की रोकथाम के नियम सख्ती से लागू किए जाएंगे। मंच बनाने के साथ श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बाड़े बनाए जा रहे हैं। कलाकार मंचन के लिए अभ्यास में जुटे हैं। उधर, श्री रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ पांच दिन 11 से 15 अक्तूबर तक मंचन कराएगी। वह आईपी एक्सटेशन के बजाय इलाके के एक सभागार में आयोजन कराएगी। आदर्श रामलीला कमेटी अशोक विहार फेस-दो 9 अक्तूबर को इलाके के सनातन भवन में संपूर्ण रामलीला का मंचन कराएगी।
कोरोना के कारण पीछे हटीं दो कमेटियां
कोरोना की रोकथाम के लिए कड़े नियमों के कारण श्री धार्मिक लीला कमेटी और नवश्री धार्मिक लीला कमेटी ने इस बार लालकिला लॉन में मंचन नहीं कराने का निर्णय लिया है। हालांकि, श्री धार्मिक लीला कमेटी एक दिन 8 अक्तूबर को ईस्ट ऑफ कैलाश स्थित इस्कॉन मंदिर के सभागार में संपूर्ण रामलीला का मंचन करा रही है। रामलीला मैदान में भी इस बार मंचन नहीं होगा, क्योंकि यहां अस्थायी कोविड अस्पताल बना है। यहां श्री रामलीला कमेटी मंचन कराती थी। लालकिला लॉन में राजधानी के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में लोग मंचन देखने के लिए आते थे।
केवल एक सप्ताह तैयारी के लिए पर्याप्त नहीं
डीडीएमए ने रामलीला मंचन के संबंध में तस्वीर पहले से साफ नहीं की। इस कारण कमेटियों को तैयारी के लिए समय ही नहीं मिला। श्री रामलीला महासंघ के पदाधिकारी महेंद्र नागपाल ने कहा कि मंचन के लिए तैयारी डेढ़ माह पहले आरंभ करनी पड़ती है, लेकिन डीडीएमए ने एक सप्ताह पहले ही मंचन की स्वीकृति दी है। इतने कम समय में मंचन की तैयारी किसी भी स्थिति में पूरी नहीं हो सकती। इस कारण अधिकतर कमेटियों ने मंचन नहीं कराने का निर्णय लिया है। दूसरी ओर, कोरोना के कारण अधिकतर व्यापारियों का कारोबार ठप है। इस कारण रामलीला कमेटियों के समक्ष भी आर्थिक संकट के हालात हैं। व्यापारियों से मिलने वाले चंदे से ही वे मंचन कराती हैं।