ड्राइविंग टेस्ट में शामिल होने के लिए आवेदकों का इंतजार कम होगा। कोरोना काल में लंबित आवेदनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रात के वक्त भी टेस्ट की सुविधा मुहैया करने की दिशा में परिवहन विभाग ने पहल की है। इसके तहत कुछ स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर इसका ट्रायल चल रहा है। ट्रैक की संख्या में बढ़ोतरी के बाद इसे चरणों में सभी ट्रैक पर यह सुविधा होगी। रात आठ बजे तक टेस्ट की सुविधा के शुरू होने से अधिक लाइसेंस बनाए जा सकेंगे। इससे रोजाना अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बन सकेंगे।
फिलहाल दिल्ली में 11 स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक हैं। इनकी संख्या में बढ़ोतरी के लिए जगहों की पहचान कर ली गई है। अगले कुछ महीनों में आठ और नए ट्रैक पर भी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए टेस्ट ट्रैक के लिए तैयारी की जा रही है। ट्रैक की संख्या में बढ़ोतरी से लंबित आवेदनों की संख्या कम होगी। साथ ही 12 घंटे तक के लिए टेस्ट के लिए स्लॉट में भी बढ़ोतरी से आवेदन लंबित नहीं रहेंगे।
इससे आवेदकों को अपनी सुविधा के मुताबिक सुबह से रात के दरम्यान कभी भी ड्राइविंग टेस्ट में शामिल होने का मौका मिलेगा। परिवहन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक शिफ्ट रात आठ बजे तक करने के लिए सभी पहलुओं पर ट्रायल किया जा रहा है। रात के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने सहित दूसरी बुनियादी सुविधाएं भी तैयार की जा रही हैं।
नए टेस्ट ट्रैक से बढ़ेंगी सहूलियतें
फिलहाल दिल्ली में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आठ स्वचालित टेस्ट ट्रैक पर आवेदकों के टेस्ट लिए जा रहे हैं। परिवहन विभाग की तरफ से आईटीआई सहित आठ नए ट्रैक बनाने की योजना है। इस दिशा में पहल की गई है और जल्द ही इसे अमली जामा पहनाया जाएगा।
सभी ट्रैक के चालू होने से अधिक लोगों को लाइसेंस बनवाने का मौका मिलेगा। इससे आवेदकों का लाइसेंस के लिए इंतजार भी कम हो जाएगा। इसके तइत पूसा, जाफरपुर कला, मयूर विहार, शाहदरा, जेल रोड, नरेला में भी नए टेस्ट ट्रैक बनाने का काम चल रहा है। ड्राइविंग टेस्ट में शामिल होने के बाद आवेदकों के घर पर ही लाइसेंस भेजने की सुविधा है।