आईटीओ से दक्षिण दिल्ली और नोएडा आना-जाना और आसान हो जाएगा। प्रधानमंत्री रविवार को प्रगति मैदान एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर परियोजना की मुख्य सुरंग समेत पांच अंडरपास राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस अवसर पर वह एक सभा को भी संबोधित करेंगे।
प्रगति मैदान के नीचे बनाई गई सुरंग से गुजरते वक्त वाहन चालकों के समय एवं ईंधन की बचत होने के साथ-साथ उनको भारतीय ऋतुओं और संस्कृति से रूबरू होने का मौका भी मिलेगा। टनल के प्रवेश व निकासी पर यमुनोत्री से प्रयागराज तक यमुना किनारे बसे शहरों, वनों एवं जीव-जंतुओं की झलक दिखेगी। दरअसल देश की छह ऋतुओं में जिंदगी की थीम पर टनल तैयार की गई है। मनमोहक नजारा कुछ-कुछ सांस्कृतिक संग्रहालय सरीखा है।
एक लाख वर्ग मीटर में कलाकृतियां : टनल की दीवारों पर कलाकृतियां बनाई गई हैं। दावा यहां तक है कि दुनियाभर में किसी भी दीवार पर इससे बड़ी कलाकृति नहीं बनी है। करीब एक लाख वर्ग मीटर में कलाकृति बनाई गई है। यह कलाकृति बहुत ही अनोखी है। टनल की दीवारों पर तीन मिलीमीटर मोटी माइल्ड स्टील की चादर लगाई गई है। उसके ऊपर पाउडर कलर कोटिंग के जरिये पेंटिंग की गई है।
प्रोजेक्ट पर एक नजर : 2017 में शुरू हुआ प्रोजेक्ट पर काम। 2019 तक होना था पूरा। कोरोना, प्रदूषण समेत कई वजहों से हुई देरी। इस महीने के आखिर तक खुलने की उम्मीद। 920 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान। सिविल का काम 342 करोड़ रुपये। सेवाओं को शिफ्ट करने में खर्च हुए 82.14 करोड़ व रेलवे को दिए 5.10 करोड़। दिनभर में आईटीओ से 90 हजार वाहन व भैरो मार्ग से 60 हजार वाहन गुजरते हैं।
टनल और अंडरपास की खास बातें : टनल भैरो रोड के समानांतर होगी, जिससे जाम से निजात मिलेगी। टनल में रोशनी के लिए एलईडी लाइटें लगाईं गई हैं। सुप्रीम कोर्ट के पास भूमिगत यू-टर्न बनाया गया है। इससे भैरो मार्ग व सुंदर नगर की तरफ ट्रैफिक जाएगा। यू-टर्न से प्रगति मैदान पार्किंग स्थल जाने की तरफ भी रास्ता है। भगवान दास रोड से सराय काले खां जाने वाला ट्रैफिक भी इस यू-टर्न से भैरो मार्ग जा सकेगा। भगवान दास रोड से भोगल, जंगपुरा जाने वाला ट्रैफिक यू-टर्न से मथुरा रोड पर जा सकेगा। टनल पुराना किले के पास नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया से शुरू होगी और रिंग रोड पर प्रगति थर्मल पावर स्टेशन पर खत्म होगी।
मिलेगी सहूलियत