चांद के दीदार के साथ ही मंगलवार शाम से रमजान की शुरूआत हो गई। देश के कई राज्यों में चांद देखा गया। चांद दिखने के साथ ही लोगों ने एक दूसरे को बधाईयां देना शुरू कर दी।
रमजान शुरू होते ही जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने देशवासियों को रमजान की बधाइयां देते हुए लोगों से अपील की है कि वह इस महामारी से खैर की दुआ मांगे। इसके अलावा हुकुमत के जारी किए हुए दिशा निर्देशों का भी पालन करने की बुखारी ने अपील की। सभी मस्जिदों में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ नमाज अदा की जाएगी।
रमजान को लेकर लोगों ने पहले ही लगभग सारी तैयारियां पूरी कर ली थीं। जो लोग खरीदारी से रह गए थे, उन लोगों ने भी मंगलवार को अपनी सभी तैयारियां पूरी कर लीं। रमजान को देखते हुए पहले ही मस्जिदों को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। फतेहपुरी मस्जिद के नायब इमाम मौलाना अनस ने बताया कि रमजान पूरे माह इबादत का महीना है।
इस माह में लोग पूरे 30 दिन रोजे रखकर इबादत करते हैं। मस्जिदों में पांच वक्त की नमाज के अलावा तरावीह (कुरान का पाठ) पढ़ी जाती हैं। रमजान में हर पुण्य के बदले 70 नेकियां मिलती मिलती हैं। लोग अपने नौकरों और मुलाजिमों से नर्मी से पेश आएं। इसके अलावा अपने पूरे मुल्क और दुनिया के लिए खास तौर से दुआएं मांगे कि अल्लाह पूरी दुनिया को इस कोविड की बीमारी से महफूज रखे।