राजधानी में देश का पहला ई-कचरा इको पार्क बनेगा। इसके माध्यम से दिल्ली सरकार ई-कचरे निपटान कर ई-वेस्ट निपटारे में देश का नेतृत्व करेगी। 20 एकड़ में फैले ई-कचरा प्रबंधन इको-पार्क अत्याधुनिक अवसरंचना (स्टेट ऑफ आर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर) से लैस होगा। साथ ही यहां अनौपचारिक क्षेत्र के संचालकों को औपचारिक पुनर्चक्रण के लिए प्रशिक्षण मिलेगा। इस संबंध में गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट ने मंजूरी दी है।
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि पार्क में वैज्ञानिक व एकीकृत तरीके से एक परिसर के अंदर ही ई-कचरे को ध्वस्त करने के साथ नवीकरण किया जाएगा। साथ ही ई-कचरे को लाने के लिए 12 जोन में संग्रह केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। सिसोदिया ने कहा कि जैसे-जैसे तकनीक का उपयोग दिन-प्रतिदिन तेजी से बढ़ रहा है, ई-कचरा भी तेजी से बढ़ रहा है। इसका वैज्ञानिक और सुरक्षित तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण भी प्रभावित होता है। साथ ही अनौपचारिक तरीके से ई-कचरा प्रबंधन होने से कई दुर्घटनाओं के होने का खतरा भी होता है। वर्तमान में दिल्ली में हर साल लगभग दो लाख टन ई-कचरा निकलता है। इसे अधिकतर अनौपचारिक रूप से पुनर्चक्रित किया जाता है। बकौल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, दिल्ली इस परियोजना को शुरू करने वाला पहला राज्य है।
इस तरह काम करेगा ई-कचरा प्रबंधन पार्क
एकीकृत व्यवस्था के साथ ई-कचरे को प्रसंस्करण व ध्वस्तीकरण के साथ नवीकरण की सुविधा एक ही परिसर में होगी। इसके लिए सभी प्रकार की प्रसंस्करण और पुनर्चक्रण इकाई होगी, ताकि भविष्य में इनसे उत्पादन के लिए सामग्री निकाली जा सके। इस सुविधा की इस्तेमाल उच्च तकनीक के माध्यम से ध्वस्तीकरण, अलगाव, नवीकरण और बहुमूल्य धातुओं का निकाला जाएगा। नई तकनीकों के माध्यम से ई-कचरे का एकीकृत और पर्यावरणीय रूप से सुरक्षित निपटारा किया जाएगा, जिससे प्रदूषण को कम करने और लोगों को स्वस्थ रखने में मदद मिलेगी।
ई-कचरा पार्क के यह होंगे फायदे
1. इको-पार्क अनौपचारिक क्षेत्र के संचालकों को औपचारिक पेशेवर के रूप में तैयार करने के लिए बुनियादी ढांचा, प्रशिक्षण और उपकरण प्रदान करेगा।
2. इको-पार्क पर्यावरण और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव को कम करने में मदद करेगा और ई-कचरे के पुनर्चक्रण के लिए अनौपचारिक क्षेत्र में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाएगा।
3. यह संगठित क्षेत्र में पर्यावरण की दृष्टि से अनुकूल ई-कचरा पुनर्चक्रण के लिए एक माध्यम बनेगा।