अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गणपति बप्पा मोरया… मंगल मूर्ति मोरया… के जयघोष के साथ राजधानी बुधवार से गजानन की भक्ति में पूरी तरह डूब गई है। छोटे-बड़े धार्मिक संगठनों ने शोभायात्राओं के बाद गणपति बप्पा की मूर्तियों की स्थापना की। कहीं विशाल पंडालों में भक्तों का तांता देखने को मिला तो कहीं परिवारों ने अपने घरों में विधि-विधान से गणेश प्रतिमा विराजमान की।
पंडालों में दिनभर पूजा-अर्चना के साथ शाम को धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। भजन गायक मंडलियों ने स्वर संध्या की प्रस्तुति दी। गणेश चतुर्थी की कथा, गणेश पुराण, गणेश चालीसा, संकटनाशन गणेश स्तोत्र और सहस्रनामावली का पाठ हुआ। भक्तों ने गणपति को पंचामृत से स्नान करवाकर महाआरती में हिस्सा लिया। वहीं घरों में भी श्रद्धालुओं ने गणपति की प्रतिमाएं स्थापित कीं और पूरे दिन व्रत रखकर रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर भोजन किया।
लाल बाग का राजा गणपति महोत्सव
नेताजी सुभाष पैलेस मेट्रो स्टेशन ग्राउंड में लाल बाग का राजा ट्रस्ट दिल्ली के 10 दिवसीय गणपति महोत्सव का उद्घाटन पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किया। ट्रस्ट के चेयरमैन राकेश बिंदल ने बताया, कि यह आयोजन दिल्ली में नौवें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। प्रतिमा विशेष रूप से महाराष्ट्र से मंगाई गई है। वाइस चेयरमैन सत्यभूषण जैन ने कहा कि प्रत्येक शाम छह बजे से मध्यरात्रि तक धार्मिक प्रवचन, भजन संध्या और संत महात्माओं का सत्संग होगा।
लक्ष्मीनगर में ‘दिल्ली के महाराजा’
बैंक एन्क्लेव लक्ष्मीनगर में श्री गणेश सेवा मंडल ने दिल्ली के महाराजा नाम पर गणेश महोत्सव भव्य कलश शोभायात्रा के साथ प्रारंभ हुआ। इस दौरान 108 से अधिक महिलाएं राजस्थानी और मराठी पारंपरिक परिधान में कलश लेकर शामिल हुईं। संस्थापक अध्यक्ष महेंद्र लड्डा और अध्यक्ष आनंद गोयल सहित कई प्रमुख पदाधिकारियों ने आयोजन में हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि मूलक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास देवाचार्य महाराज के सान्निध्य में मंगल मूर्ति की स्थापना की गई।
पुष्प वर्षा कर किया गणपति का स्वागत
श्री सिद्धिविनायक सेवा ट्रस्ट ने चांदनी चौक में 16वां श्री गणेश जन्मोत्सव आयोजित किया। भागीरथ पैलेस से निकली शोभायात्रा टाउन हॉल और नई सड़क से होते हुए मारवाड़ी सदन तक पहुंची। शोभायात्रा में आतिशबाजी, झांकियां, हाथी-घोड़े और बग्घियां शामिल रहीं। श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा के साथ गणपति बप्पा का स्वागत किया। प्राचीन और ऐतिहासिक झंडेवाला देवी मंदिर से गणपति प्रतिमा की शोभायात्रा निकली, जिसमें रंग-बिरंगी पगड़ी पहने पुरुष और मराठा बैंड की धुन पर थिरकते सेवादार आकर्षण का केंद्र रहे।