नई दिल्ली। राजधानी में शनिवार शाम तीन जगहों पर आतंकी हमला होने की सूचना से हड़कंप मच गया। पुलिस मुख्यालय की पुरानी बिल्डिंग, वसंत कुंज स्थित एंबियंस मॉल और द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन पर हमले की जानकारी मिलने के बाद सभी सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आईं और इन जगहों पर पहुंचकर हालात पर काबू पाया। सुरक्षा एजेंसियों में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के अलावा यातायात पुलिस, सीआईएसएफ, एनएसजी के कमांडो भी शामिल थे। अग्निशमन विभाग और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी भी शामिल हुए। बाद में इसे मॉकड्रिल करार दिया गया। इस वजह से आईटीओ पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
वरिष्ठ अधिकारियों ने मॉक ड्रिल के दौरान सभी एजेंसियों से मिले सहयोग को सराहा और कहा कि सभी ने बेहतर तालमेल से काम किया। महामारी के बाद राजधानी में अनलॉक की प्रक्रिया चल रही है। धीरे-धीरे सब कुछ सामान्य हो रहा है। इसी बीच दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ तैयारियों का जायजा लेने की आवश्यकता महसूस की। इसी के तहत शनिवार शाम चार बजे तीन जगहों पर मॉकड्रिल का मेगा आयोजन किया गया। अधिकारी के मुताबिक आतंकवादी हमलों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस लगातार मॉकड्रिल का आयोजन करती है। जिससे उनकी तत्परता की जांच की जा सके। लेकिन वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य में दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बहुस्थान, बहु एजेंसी मॉकड्रिल का आयोजन करने की बात कही, जिसका तीन जगहों पर निष्पादन किया गया। इसका समन्वय दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने किया।
पुलिस मुख्यालय से शुरुआत
शनिवार शाम चार बजे पुलिस मुख्यालय के निकास गेट से आतंकियों के घुसने की जानकारी मिली। बताया गया कि सुरक्षाकर्मियों से झड़प के बाद आतंकियों ने कुछ लोगों को बंधक बना लिया है। आतंकियों का एक समूह कार से फरार हो गया है। सूचना पर हरकत में आईं सुरक्षा एजेंसियों ने कुछ देर बाद ही पुलिस मुख्यालय को घेर लिया। काफी देर तक पुलिस मुख्यालय के सामने वाली सड़क को बंद रखा गया। जिससे आस पास के रास्तों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया और कुछ देर तक जाम की समस्या हुई। सुरक्षा एजेंसियों ने करीब आधे घंटे में आतंकियों को काबू में कर लिया। इसके बाद वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला रोड पर स्थित एंबिएंस मॉल के मुख्य गेट पर आतंकवादियों द्वारा एक आईईडी फेंके जाने और अंधाधुंध गोलियां चलाते हुए भागने की सूचना मिली। पुलिस व अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने मॉल को घेर लिया और कार्रवाई शुरू कर दी। वहीं तीसरे मामले में कहा गया कि आतंकी द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन के मुख्य गेट पर विस्फोट कर प्लेटफार्म तक पहुंच गए हैं और मेट्रो ट्रेन को जबरन अपने कब्जे में ले लिया है। इस सूचना पर स्वाट, स्पेशल सेल और सीआईएसएफ की विशेष टीम ने आंतरिक घेरा बनाया और अभ्यास के बाद आतंकियों को अंजाम तक पहुंचाया। इस दौरान बंधकों को विशेष सुरक्षा में छुड़ाया गया और जवानों ने विस्फोटक की भी जांच की गई।