दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने रोहिणी जेल में बंद रहे ठग सुकेश चंद्रशेखर की जेल में रहने के दौरान मदद करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। शाखा ने जेल प्रशासन को पत्र लिखकर 82 अधिकारी व कर्मचारियों से पूछताछ करने की बात कही है। हालांकि शाखा के अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या ज्यादा भी हो सकती है और कम भी। पूछताछ के दौरान इनकी भूमिका सामने आती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुकेश ने रोहिणी जेल से ही रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपये की ठगी कर ली थी। उसने शिविंदर सिंह को एक मामले में जमानत दिलवाने की बात कहकर ठगी की थी। इस बात की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने रोहिणी जेल में छापा मारकर सुकेश को गिरफ्तार कर लिया था। उसके पास से दो फोन जब्त किए गए थे। जांच के दौरान जेल अधिकारियों व कर्मचारी पर सुकेश को मदद पहुंचाने का आरोप लगा। जेल प्रशासन ने जांच करवाकर नौ अधिकारी और कर्मचारी को निलंबित कर दिया था। बाद में मामले की जांच करते हुए शाखा ने सुकेश और रोहिणी जेल के सात अधिकारी और कर्मचारी समेत 19 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि रोहिणी जेल में रहने के दौरान सुकेश को अधिकारियों और कर्मचारी की मिलीभगत से फोन और अन्य सुविधा मुहैया करवाए गए थे।
आर्थिक अपराध शाखा की ओर से जेल महानिदेशक को एक पत्र लिखा गया है। जिसमें कहा गया है कि सुकेश चंद्रशेखर रोहिणी की जेल नंबर 10 में वार्ड नंबर 3 के बैरक नंबर 204 में बंद था। इस दौरान उसे किसी न किसी तरीके से मदद देने के आरोप में 7 जेल कर्मियों को शाखा पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आगे की जांच में पाया गया है कि जेल के करीब 82 और जेलकर्मी उसकी मदद में शामिल रहे हैं। इन कर्मियों के खिलाफ शाखा जांच करना चाहती है और उनसे पूछताछ करना चाहती है।
आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शाखा ने जांच के दौरान सुकेश चंद्र शेखर के वार्ड के आसपास लगे 10 सीसीटीवी कैमरों की 1 महीने की फुटेज की जांच की। जिसमें पाया गया कि इन कैमरों को ब्लॉक कर दिया गया था। कैमरों के सामने मिनरल वाटर के बॉक्स रख दिए गए थे और पर्दे लगा दिए गए थे, ताकि उनमें आगे की फुटेज पता न चल सके। जांच में यह भी पता चला कि सुकेश सुविधाओं के बदले हर महीने मोटी रकम जेल में खर्च करता था।