नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने अनलॉक-4 में 21 सितंबर से अभिभावकों की रजामंदी से नौवीं से बारहवीं के बच्चों को स्कूलों में बुलाने की इजाजत दी है। हालांकि, अधिकतर अभिभावक महामारी तक अपने बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं है। स्कूलों का कहना है कि वह दिल्ली सरकार के निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। स्कूल प्रशासन अभिभावकों से रजामंदी फार्म भरवा कर ही बच्चों को बुलाएगा। एर्फोडेबल पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के चेयरमैन लक्ष्य छाबड़िया का कहना है कि सरकार के आदेश के बाद ही नौवीं से बारहवीं तक के बच्चों को बुलाया जाएगा। इसके लिए अभिभावकों से रजामंदी फार्म भरवाया जाएगा। सरकार की ओर से इस संबंध में जो भी गाइडलाइन भेजी जाएंगी, उसका पालन किया जाएगा।
पूसा रोड स्थित स्प्रिंगडेल्स स्कूल की प्रिंसिपल अमिता मूला वट्टल का कहना है कि सरकारी आदेश के आधार पर पहले से 33 फीसदी स्टाफ स्कूल आ रहे हैं। यदि अभिभावक चाहें तो बच्चों को स्कूल भेज सकते हैं। हम किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करेंगे और न ही किसी प्रकार की गारंटी ले सकते हैं। ऑल इंडिया पैरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल कहते हैं कि कोरोना का संक्रमण जिस तरह से बढ़ रहा है, उससे स्कूल खोलने का कोई कारण नहीं है।